- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आज सबसे बड़ा हमला करने का ऐलान करते हुए आत्मसमर्पण का दावा किया
- ट्रंप ने कहा कि ईरान ने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांगकर आत्मसमर्पण किया और अब हमला नहीं करेगा
- ईरान के राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी लेकिन ट्रंप की आत्मसमर्पण मांग को खारिज किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आज सबसे बड़ा हमला करने का ऐलान किया है. यूएस सेंट्रल कमांड ने इसी का संकेत देते हुए बी2 बॉम्बर्स का एक वीडियो साझा किया है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज अमेरिका बी2 बॉम्बर्स के जरिए हमला करेगा. बी2 बॉम्बर्स को दुनिया का सबसे खतरनाक बॉम्बर माना जाता है और ये लड़ाकू विमानों की तुलना में बड़ी संख्या में बम गिरा सकता है. जाहिर है विनाश भी ज्यादा होगा.
ट्रंप ने क्या लिखा
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा है, "ईरान, जो बुरी तरह हार रहा है, उसने अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांगते हुए आत्मसमर्पण कर दिया है और वादा किया है कि वह अब उन पर हमला नहीं करेगा. यह वादा अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण ही किया गया है. वे मध्य पूर्व पर कब्जा करके शासन करना चाहते थे. हजारों वर्षों में यह पहली बार है कि ईरान अपने पड़ोसी मध्य पूर्वी देशों से हारा है. मीडिल ईस्ट देशों ने कहा है, "थैंकयू राष्ट्रपति ट्रंप." मैंने कहा है, "आपका स्वागत है!" ईरान अब "मध्य पूर्व का दादा" नहीं रहा, बल्कि "मध्य पूर्व का हारा हुआ" है, और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा, जब तक कि वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता या, अधिक संभावना है, पूरी तरह से ध्वस्त नहीं हो जाता! आज ईरान पर बहुत बड़ा हमला किया जाएगा! ईरान के खराब व्यवहार के कारण, उन क्षेत्रों और लोगों पर भी हमला हो सकता है, जहां अब तक हमला नहीं किया गया या जिन्हें अब तक निशाना बनाने के बारे में सोचा भी नहीं गया था. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप."
बी2 बॉम्बर कितना खतरनाक
It's never fair when a B-52 is involved.
“This was never meant to be a fair fight, and it is not a fair fight. We are punching them while they're down.” – Secretary of War Pete Hegseth pic.twitter.com/JgRSgiM7jl
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 7, 2026
बी-2 स्पिरिट (B-2 Spirit)अमेरिका का सबसे हाईटेक स्टील्थ बॉम्बर है. अमेरिका इसे अपने सबसे करीबी साथियों को भी नहीं देता. इजरायल को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. बी-2 बॉम्बर रडार से बचकर परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने के लिए डिजाइ किया गया है. नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन द्वारा निर्मित यह विमान 1993 से सेवा में है और अपने अनूठे 'फ्लाइंग-विंग' डिजाइन के कारण दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सक्षम है. यह बिना ईंधन भरे 6,000 समुद्री मील (करीब 11,000 किमी से ज्यादा) से अधिक की यात्रा कर सकता है. यह 2000 किलो के गाइडेड बम और बंकर-बस्टर (मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर) ले जाने में सक्षम है. मतलब ये एक बॉम्बर कई लड़ाकू विमानों के बराबर है. ईरान के खिलाफ अमेरिका का इसे उतारने का निर्णय लेना ये बताता है कि ईरान पर अब एक साथ भारी बमबाजी होगी.
क्या सच में ईरान ने मांगी माफी
ट्रंप ने ये पोस्ट तब किया जब ईरान के राष्ट्रपति ने शनिवार को क्षेत्रीय देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी. हालांकि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बार-बार की आत्मसमर्पण की मांग को भी खारिज कर दिया. राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे अपनी ओर से उन पड़ोसी देशों से माफी मांगनी चाहिए, जिन पर ईरान ने हमला किया है. अब से उन्हें पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करना चाहिए और न ही उन पर मिसाइलें दागनी चाहिए, जब तक कि वे हम पर हमला न करें. मेरा मानना है कि हमें इस समस्या का समाधान कूटनीति के माध्यम से करना चाहिए.”
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