- इजरायल रक्षा बलों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और हथियार निर्माण ठिकानों पर बड़ा हमला किया है
- ईरान के अराक और यज़्द प्रांत में भारी जल एवं येलोकेक उत्पादन संयंत्रों को निशाना बनाया गया है
- हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और परमाणु सामग्री के फैलने का कोई खतरा नहीं बताया गया है
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच IDF (इजारयल डिफेंस फोर्स) ने ईरान के उन ठिकानों पर बड़ा हमला किया है जहां ईरान बैलिस्टिक मिसाइल और हथियार बनाता था. बताया जा रहा है कि इजरायल के इस हमले में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है. जिन इलाकों पर हमला किया गया है वहां ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल के पुर्जों के साथ-साथ कई अहम हथियार बनाता था.
आपको बता दें कि इजरायल का यह हमला ईरान के कमांडर की तरफ से मिली धमकी के बाद हुआ है. ईरान के कमांडर ने शनिवार को कहा था कि इजरायल ने हमलों को बढ़ाने की चेतावनी देने के बाद शुक्रवार को उसके परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (IRNA) की रिपोर्ट के अनुसार, एक भारी जल संयंत्र और एक येलोकेक उत्पादन संयंत्र पर हमला किया गया. येलोकेक कच्चे अयस्क से अशुद्धियों को हटाने के बाद यूरेनियम का कॉनसेंट्रेड फॉर्म होता है. भारी जल का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मॉडरेटर के रूप में किया जाता है.
ट्रंप के दावे के बीच हुआ हमला
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि अराक में शाहिद खोंडाब भारी जल परिसर और यज़्द प्रांत में अर्दकान येलोकेक उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाया गया. एजेंसी ने कहा कि हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और कंटेमिनेशन का कोई खतरा नहीं है. इजरायल ने पिछले साल जून में भी अराक संयंत्र पर हमला किया था. इन हमलों की खबर तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत अच्छी चल रही है और तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए और समय दिया है. हालांकि, ईरान ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है.
ईरानी कमांडर ने कही थी ये बात
हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "आपने पहले भी हमें आजमाया था; दुनिया ने फिर देखा कि आप खुद आग से खेल रहे हैं और बुनियादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं. इस बार, आंखे के बदले आंख नहीं चलेगा; देखते रहिए! अमेरिकियों और जायोनी शासन से जुड़ी औद्योगिक कंपनियों के कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में डालने से बचने के लिए तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ देने चाहिए!"
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