- सूडान के रिवर नाइल राज्य में सोने की खुदाई कर रहे कम से कम 72 आम नागरिक हवाई हमलों में मारे गए हैं
- मिस्र की वायु सेना पर सूडान के सीमा क्षेत्र में सोने की खुदाई करने वालों पर हमला करने का आरोप है
- सूडान में गृहयुद्ध के कारण सोने की खदानों में छोटे स्तर पर खनन तेजी से बढ़ा है और भारी मानवीय संकट है
अफ्रीकी देश सूडान के बॉर्डर से लगे इलाके में सोने की खोज कर रहे कम से कम 72 आम नागरिक हवाई हमलों में मारे गए हैं. सूडान की राजधानी खार्तूम से काम करने वाले 'इमरजेंसी लॉयर्स' ने बताया कि शनिवार को सूडान के रिवर नाइल राज्य में सोने की खुदाई वाली एक मशहूर जगह पर जेट विमानों ने छोटे पैमाने पर खुदाई करने वाले आर्टिसनल माइनर्स को निशाना बनाया. इस अधिकार समूह ने हमले का आरोप मिस्र की वायु सेना पर लगाया है. लेकिन अभी तक न तो मिस्र की सरकार और न ही सूडान के मौजूदा अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी की है.
क्या खजाने पर कब्जे में गई 3 साल में 2 लाख लोगों की जान?
दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर तनाव की मुख्य वजह सोना ही है. दरअसल सूडान में चल रहे गृहयुद्ध की वजह से छोटे स्तर पर सोने की खुदाई यानी आर्टिसनल माइनिंग में तेजी आई है. सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच भीषण लड़ाई ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, और न तो किसी पक्ष को सैन्य जीत मिली है और न ही युद्धविराम के लिए कोई गंभीर बातचीत शुरू हुई है. अप्रैल 2023 से, इस संघर्ष में 2,00,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और एक गंभीर मानवीय संकट पैदा हुआ है, जिसने कई लोगों को सोने की खतरनाक माइनिंग इंडस्ट्री में धकेल दिया है.
यह छोटे-छोटे स्तर पर सोना निकालने की इंडस्ट्री दोनों पक्षों की युद्ध की कोशिशों को बढ़ावा देती है. यह काम आम लोग बिना सरकारी मंजूरी और मामूली आम औजारों से करते हैं, और यह अक्सर जोखिम भरा होता है. ऐसा खासकर सीमाओं के पास दूर-दराज के इलाकों में हो रहा है.
इस वजह से चिंता बढ़ गई है कि सूडान से आने वाला अवैध सोना मिस्र के वैध सोने के बाजार को नुकसान पहुंचा सकता है.
काम की बात- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, अफ्रीका के पांच सबसे बड़े सोना उत्पादकों में से एक, सूडान की खदानों से 2025 में 74.6 मीट्रिक टन सोना निकाला गया. युद्ध के बावजूद, 2023 और 2025 के बीच उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई और इसने देश की कुल आय में 70% से ज़्यादा का योगदान दिया.
मिस्र से पंगा
खनिज भंडारों से भरपूर यह ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाका सैकड़ों किलोमीटर तक फैला है और इसमें विवादित हलायेब त्रिकोण भी शामिल है. इमरजेंसी लॉयर्स ने कहा कि यह हमला सूडान की सीमा के अंदर हुआ है. उन्होंने कहा, "सोने और खनिजों से भरपूर सीमावर्ती इलाकों पर बार-बार हो रहे हमले यह दिखाते हैं कि मिस्र के अधिकारी सूडान के प्राकृतिक संसाधनों पर अपना कब्जा बढ़ाना और उन पर कंट्रोल करना चाहते हैं."
मिस्र की सेना ने जून में कहा था कि उसने अपना ऑपरेशन मिस्र की सीमा के अंदर चलाया था. सूडान के सेना प्रमुख अब्देल फतह अल-बुरहान का समर्थन करने के बावजूद, मिस्र अपनी सीमा पर चल रहे युद्ध को अपनी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानता है. यह सीमा लाल सागर से लीबिया तक 1,200 किलोमीटर लंबी है.
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