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This Article is From Aug 17, 2011

दंगाइयों के साथ ब्रिटेन की अदालतें हुईं सख्त

लंदन: ब्रिटेन में फेसबुक के इस्तेमाल के जरिए दंगाइयों को उकसाने की कोशिश करने वाले दो युवकों को चार साल के लिए जेल भेज दिया गया है। चार दिनों तक चले दंगे और अशांति से जुड़े मामलों में अदालत का यह अब तक का सबसे सख्त आदेश है। लंदन में हाल ही में हुई हिंसा और लूट के लिए 1,000 से ज्यादा लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस बल के कार्यकारी आयुक्त टिम गुडविन ने बताया कि 1,733 लागों की गिरफ्तारी करने के बाद 1005 संदिग्धों पर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इस फैसले को मील का पत्थर करार दिया। जोर्डन ब्लैकशॉ (20) और 22 साल के पेरी सतक्लिफ कीनन को चार साल की सजा सुनाई गई। हालांकि दोनों ने वास्तव में कुछ भी आयोजित नहीं किया। चेस्टर क्राउन अदालत में यह जोड़ी पेश हुई। पुलिस ने आरोप लगाया कि उन्होंने फेसबुक के माध्यम से लोगों को अपने गृहनगर में दंगा करने की अपील की। ब्रिटेन में हुए दंगों के मामलों में अदालत के सख्त फैसलों का प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बचाव किया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा, सजा के बारे में फैसला देना अदालत का काम है, लेकिन उन्होंने कड़ा संदेश देने का निर्णय लिया है और यह बहुत अच्छा है कि अदालत ऐसा करने में सक्षम महसूस करते हैं। हालांकि कुछ सांसदों और विशेषज्ञों ने अदालत के फैसलों को बहुत कठोर बताया है। नार्थविच के ब्लैकशॉ ने फेसबुक पर एक पेज तैयार किया, जिसका शीषर्क नॉर्थविच शहर को नष्ट कर डालो, जबकि वारिंगटन के कीनन ने लैचफोर्ड में दंगा किया जाए पेज तैयार किया। दोनों को जानबूझ कर दंगा उकसाने का दोषी पाया गया। दोनों में से कोई भी खुद दंगा करने या लूटपाट करने का आरोपी नहीं था, लेकिन उन्हें इन मामलों से जुड़ी अब तक की सबसे लंबी सजा सुनाई गई। कार्यकारी आयुक्त गुडविन ने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत इकट्ठा कर रहे अधिकारियों के कामकाज को सराहा। लंदन के मेयर बोरिस जानसन ने कहा कि पुलिस के आंकड़े न केवल उनकी निष्ठा के सबूत हैं, बल्कि कानून का पालन करने वाले लंदन के निवासियों के असाधारण समर्थन को भी दिखाते हैं, जो ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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