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This Article is From May 04, 2019

'8 साल बाद पृथ्वी से टकराएगा एक खगोलीय पिंड', नासा के वैज्ञानिक ने खुलासा कर सबको कर दिया सन्न, लेकिन...

इसके बाद चडस ने जो बताया वह राहत भरा था. उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए नाम 2019-PDC की कोई भी चीज धरती से नहीं टकराएगी. यह एक अभ्यास था. उन्होंने कहा कि इससे पहले की आप सब डिब्बाबंद माल का स्टॉक करना शुरू करें, 20,000 से अधिक विश्लेषणों से जानकारी मिली है कि अगली सदी में इंसानों के खत्‍म होने की संभावना 10,000 में 1 है.

'8 साल बाद पृथ्वी से टकराएगा एक खगोलीय पिंड', नासा के वैज्ञानिक ने खुलासा कर सबको कर दिया सन्न, लेकिन...
फाइल फोटो
नई दिल्ली:

अंतरिक्ष से धरती को खतरे जैसे विषय पर आयोजित सम्मेलन में नासा एक एक वैज्ञानिक ने एक खुलासा करते सभी को सन्न कर दिया. उन्होंने कहा कि एक एस्टेरॉएड (खगोलीय पिंड) 2019-PDC अगले 8 सालों में धरती से टकरा सकता है. नासा के 'सेंटर फॉर नीयर अर्थ आब्‍जेक्‍ट स्‍टडीज' (NASA's Center for Near-Earth Object Studies) के मैनेजर पॉल चडस ने यह दावा किया है. हालांकि उनका कहना था कि इसकी टकराने की आशंका सिर्फ 10 प्रतिशत ही है. लेकिन यह इतना बड़ा खतरा है कि अगर यह हमारी पृथ्वी से टकराया तो एक पूरा शहर नष्ट हो सकता है. इसमें सबसे बड़े खतरे की बात यह है कि यह धरती के किस हिस्से टकराएगा इसका सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. चडस ने यह भी अनुमान लगाते हुए बताया कि न्यूयॉर्क, डेनवर, पश्चिम और मध्य अफ्रीका का एक बड़ा हिस्सा में विनाश हो सकता है. यह स्थिति 'अनिश्चित' और 'अभूतपूर्व' है. उन्‍होंने वैज्ञानिकों से पूछा कि आप बताएं इस बारे में क्‍या करना चाहते हैं. 

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इसके बाद चडस ने जो बताया वह राहत भरा था. उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए नाम 2019-PDC  की कोई भी चीज धरती से नहीं टकराएगी. यह एक अभ्यास था. उन्होंने कहा कि इससे पहले की आप सब डिब्बाबंद माल का स्टॉक करना शुरू करें, 20,000 से अधिक विश्लेषणों से जानकारी मिली है कि अगली सदी में इंसानों के खत्‍म होने की संभावना 10,000 में 1 है.

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आपको बता दें कि इससे पहले भी कई खगोलीय पिंड पृथ्वी के आसपास से गुजर चुके हैं. फरवरी 2013 में 17-20 मीटर के चेलायाबिन्सक क्षुद्रग्रह के टकराने से बहुत नुकसान हुआ था. इससे पहले नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) के एमी मैनजर ने बताया कि अगर कुछ दिन पहले भी इसका पता चलता है तो विकल्प बेहद सीमित हो जाते हैं इसलिए अध्ययन में नीयर अर्थ ऑब्जेक्टस (एनईओ) पर ध्यान केंद्रित किया गया, जब वे धरती से दूर होते हैं. 

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