रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन Sputnik V, राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को लगाया गया टीका

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)  ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि उनके देश ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना ली है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी को भी यह टीका लगाया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है.

रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन Sputnik V, राष्ट्रपति पुतिन की बेटी को लगाया गया टीका

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया का पहला कोराना वैक्‍सीन तैयार करने का ऐलान किया

खास बातें

  • रूस के राष्‍ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किया ऐलान
  • उपग्रह स्‍पूतनिक-5 पर किया गया वैक्‍सीन का नामकरण
  • इससे कोरोना के खिलाफ स्‍थायी इम्‍युनिटी विकसित करने का दावा
मॉस्‍को :

Russia's coronavirus vaccine: रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन (coronavirus vaccine) बना लेने का ऐलान मंगलवार को किया. खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)  ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि उनके देश ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना ली है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी को भी यह टीका लगाया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है. रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा है कि जो उसके एक उपग्रह का भी नाम है. दावा है कि इस टीके से Covid-19 के खिलाफ स्थाय़ी इम्यूनिटी विकसित की जा सकती है. 

कोविड-19 महामारी का सामना करने के लिए रूस की वैक्सीन कितनी तैयार?

वीडियो कांफ्रेंसिंग में रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि आज सुबह दुनिया में पहली बार कोरोना वायरस (Cornavirus) का टीका तैयार कर लिया गया है. वैक्सीन प्रोजेक्ट को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड के प्रमुख किरिल दमित्रियेव ने बताया कि इस वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण बुधवार से शुरू होंगे और सितंबर से इसके उत्पादन की उम्मीद है. दमित्रियेव ने कहा, 'गामालेया इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित रूसी वैक्सीन में हमने काफी दिलचस्पी देखी है.' उन्होंने कहा, वैक्सीन के एक अरब (1 बिलियन) से अधिक डोज के लिए 20 देशों से मांग हुई है.विदेशी सहयोगियों के साथ मिलकर रूस प्रति वर्ष 5 देशों में 500 मिलियन डोज तैयार कर सकता है.

दमित्रियेव ने यह भी कहा कि रूसी वैक्सीन को बदनाम करने के लिए सुनियोजित तरकी से मीडिया द्वारा हमले करवाए गए.उन्होंने सोवियत काल में अमेरिका के साथ अंतरिक्ष कार्यक्रम में सहयोग की चर्चा करते हुए कहा कि दूसरे देशों को हमारे साथ रचनात्मक बातचीत करनी चाहिए और अपने नागरिकों को निकट भविष्य में एक उच्च गुणवत्ता वाली सुरक्ष‍ित दवा उपलब्ध करानी चाहिए जो वाकई जीवन बचाती है और महामारी को रोक सकती है.


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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)