- निर्वासित ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या को ईरान के लिए बड़ा मोड़ बताया
- पहलवी ने ट्रंप के हमलों को ईरान में ताकत के संतुलन को बदलने वाला और लोगों के लिए प्रेरणादायक बताया है
- उन्होंने ईरान की इस्लामिक सरकार पर विदेशों में दखल और परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाया है
निर्वासन में रह रहे ईरान के क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या को “वह बड़ा मोड़” बताया है जिसका ईरान के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह घटना ईरान की मौजूदा सरकार के अंत की शुरुआत है. द वाशिंगटन पोस्ट में लिखे अपने लेख और फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि ट्रंप के हमलों के आदेश से ईरान के अंदर ताकत का संतुलन बदल गया है.
उन्होंने लिखा, “मिस्टर प्रेसिडेंट: धन्यवाद. आपके शब्दों ने ईरान के लोगों को ताकत दी है और मुझे यकीन है कि वे इस मौके का सामना करेंगे.” फॉक्स न्यूज के इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि यही वह बड़ा बदलाव है जिसका हम इंतजार कर रहे थे.”
नया संविधान बनेगा, स्वतंत्र चुनाव होगा...
क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने यह भी कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स कई अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार है, जिनमें कम से कम 603 अमेरिकी सैनिक शामिल हैं. अपने इंटरव्यू में पहलवी ने कहा कि वह ईरान में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें लाखों ईरानियों का समर्थन है. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य एक मजबूत और स्थिर बदलाव लाना है ताकि देश में अराजकता न हो.
उन्होंने “ईरान प्रॉस्पर्टी प्रोजेक्ट” नाम की योजना का जिक्र किया और कहा कि पहले 100 दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे, ताकि देश को स्थिर किया जा सके. उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत कोई संस्थान खत्म नहीं होगा, सत्ता खाली नहीं रहेगी और देश में अराजकता नहीं होगी. पहलवी ने कहा कि आगे की प्रक्रिया साफ होगी: पहले नया संविधान बनाया जाएगा, फिर जनमत-संग्रह कराया जाएगा और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय निगरानी में स्वतंत्र चुनाव होंगे.
उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन से अंतिम जनमत-संग्रह तक का समय अधिकतम दो साल हो सकता है. पहलवी ने यह भी कहा कि भविष्य का लोकतांत्रिक ईरान अमेरिका का रणनीतिक और आर्थिक साझेदार बन सकता है. उन्होंने कहा कि ईरान के बाजार को फिर से खोलने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग एक ट्रिलियन डॉलर तक का फायदा हो सकता है.
अपने लेख के अंत में उन्होंने लिखा कि जब ईरान के लोग अपनी आजादी वापस हासिल करेंगे, तो डोनाल्ड ट्रम्प को उस नेता के रूप में याद किया जाएगा जिसने मुश्किल समय में उनका साथ दिया.
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