राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए और भव्य बॉलरूम (Trump Ballroom Renovation) की सुरक्षा के साथ-साथ व्हाइट हाउस परिसर को अभेद्य किला बनाने के रिपब्लिकन पार्टी के मंसूबों पर पानी फिर गया है. सीनेट पार्लियामेंटेरियन (संसदीय नियम विशेषज्ञ) ने 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रुपये) के सुरक्षा बजट प्रस्ताव को नियमों का हवाला देकर खारिज कर दिया है. इसे विपक्षी डेमोक्रेट्स की एक बड़ी रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने इस भारी-भरकम खर्च को लेकर ट्रंप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था.
दरअसल, रिपब्लिकन पार्टी इस भारी-भरकम फंड को अगले तीन सालों के लिए अप्रवासन प्रवर्तन (इमिग्रेशन एनफोर्समेंट) एजेंसियों से जुड़े एक छोटे और विशेष बजट बिल के साथ पास कराने की फिराक में थी.
क्या होना था इस बजट से और क्यों मंचा है घमासान?
अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता, तो सीक्रेट सर्विस को मिलने वाले इस 1 अरब डॉलर के फंड से डोनाल्ड ट्रंप के नए बॉलरूम की सुरक्षा को चाक-चौबंद किया जाना था.
समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस के अनुसार, इस फैसले के बाद विपक्ष के नेता और सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि रिपब्लिकन आम टैक्सपेयर्स के पैसे से ट्रंप के अरबों रुपये के बॉलरूम का खर्च उठाना चाहते थे. उन्होंने कहा, "सीनेट डेमोक्रेट्स ने इसका कड़ा मुकाबला किया और उनकी पहली कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया."
ओरेगन के डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले ने भी ट्रंप पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी जनता को ट्रंप के 'लुई चौदहवें' जैसे शाही अंदाज वाले बॉलरूम के लिए एक धेला भी खर्च नहीं करना चाहिए.
अब आगे क्या करेंगे ट्रंप?
दूसरी तरफ, रिपब्लिकन पार्टी और ट्रंप समर्थक इस झटके के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून के प्रवक्ता रयान व्रासे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि बजट की इस जटिल प्रक्रिया में ऐसा होना कोई असामान्य बात नहीं है.
इस बड़े झटके के बावजूद, रिपब्लिकन पार्टी के मुख्य अप्रवासन (इमिग्रेशन) बिल को पार्लियामेंटेरियन ने हरी झंडी दे दी है. यह करीब 72 अरब डॉलर का एक बड़ा पैकेज है, जिसका मकसद इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) को अगले तीन सालों के लिए फंड देना है. इस फंड को डेमोक्रेट्स ने पिछले कई महीनों से रोक रखा था. यह बजट ट्रंप के सख्त इमिग्रेशन और डिपोर्टेशन (देशनिकाला) अभियान को सितंबर 2029 तक रफ्तार देने के लिए तैयार किया गया है.
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