पीएम मोदी ने बांग्लादेश को इशारों-इशारों में समझा दिया
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बांग्लादेश के नेता मुहम्मद यूनुस के साथ द्विपक्षीय बैठक की. ढाका में पिछले साल हुए तख्तापटल के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस के साथ पीएम मोदी की यह पहली मुलाकात थी. इस बैठक में पीएम मोदी ने बांग्लादेश के अंदर हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताओं पर जोर दिया. आपको बता दें कि दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड में मौजूद थे. इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी साझा किया. ये पोस्ट बांग्ला में लिखा गया था.
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मैं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मिला. भारत बांग्लादेश के साथ रचनात्मक और जन-केंद्रित संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है.मैंने बांग्लादेश में शांति, स्थिरता, समावेश और लोकतंत्र के लिए भारत का समर्थन दोहराया. अवैध घुसपैठ को रोकने के उपायों पर चर्चा की और हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की.
বাংলাদেশের অন্তর্বর্তীকালীন সরকারের প্রধান উপদেষ্টা জনাব মুহাম্মদ ইউনূসের সাথে সাক্ষাৎ করেছি। ভারত বাংলাদেশের সাথে একটি গঠনমূলক ও জনকেন্দ্রিক সম্পর্কের প্রতি প্রতিশ্রুতিবদ্ধ।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 4, 2025
আমি বাংলাদেশে শান্তি, স্থিতিশীলতা, অন্তর্ভুক্তি ও গণতন্ত্রের প্রতি ভারতের সমর্থন পুনর্ব্যক্ত করেছি।… pic.twitter.com/RVbR5WQ9nu
पीएम मोदी के इस पोस्ट के कई मायनें निकाले जा रहे हैं. पीएम मोदी ने अपने एक पोस्ट से बांग्लादेश को साफ संदेश देने के साथ-साथ लोकतंत्र की महत्ता की सीख दे डाली है. चलिए आपको बताते हैं कि पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में सही लेकिन बांग्लादेश को कैसे काफी कुछ सुना और बता गए.

पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट से दिया बड़ा मैसेज
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेकरार दिख रहे थे. पीएम मोदी ने भी उन्हें निराश नहीं किया और थाईलैंड में उनसे मुलाकात की. पीएम मोदी ने इस मुलाकात के बाद जो एक्स पर पोस्ट किया उससे उन्होंने बांग्ला और बांग्लाभाषी को लेकर एक साफ संदेश देते हुए ये बता दिया कि ये भारत के दिल के करीब हैं. पीएम मोदी ने इस पोस्ट के माध्यम से मुहम्मद यूनुस के साथ दोस्ती के साथ-साथ बांग्लादेश की आवाम से भी संवाद करने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने वहां की आवाम को साफ तौर पर संदेश देने की कोशिश की भारत पहले की तरह ही आज भी उनके साथ खड़ा है.
पीएम ने जब पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ
बांग्लादेश में बीते करीब साल भर में जिस तरह से हिंसा और अराजकता का माहौल है, उसे देखते हुए ये कह पाना बेहद आसान है कि वहां की आवाम को अब मौजूदा सरकार पर पहले की सरकारों जैसा भरोसा नहीं रह गया है. मुहम्मद यूनुस की सरकार के लिए आवाम का भरोसा जीतना एक चुनौती की तरह भी है. ऐसे में पीएम मोदी से मोहम्मद यूनुस की मुलाकात कई मायनों में खास रही. इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी में मुहम्मद यूनुस को लोकतंत्र की महत्ता भी समझाई और बताने की कोशिश की कि किसी भी देश के आगे बढ़ने के लिए लोकतंत्र कितनी अहम भूमिक निभा सकता है. पीएम मोदी ने अपनी इस मुलाकात के दौरान खास तौर पर बांग्लादेश को 'PSID' का कूटनीतिक संदेश दिया है. पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि किसी देश के लिए Peace, Stability, Inclusivity और Democracy कितना जरूरी है.

सीमा पर घुसपैठ का भी पीएम ने किया जिक्र
पीएम मोदी ने बांग्लादेश सरकार के मुखिया से मुलाकात के बाद अवैध घुसपैठ का भी जिक्र किया है.पीएम मोदी ने अपने इस सोशल मीडिया पोस्ट में अवैध घुसपैठ रोकने पर जोर दिया. आपको बता दें कि बीते कई दशकों से बांग्लादेश से आने वाले अवैध घुसपैठ एक बड़ी समस्या की तरह रहा है.
पीएम मोदी ने हिंदुओं की सुरक्षा का मामला
मुहम्मद यूनुस से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और खासकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा भी उठाया है. पीएम मोदी ने इस मुलाकात के बाद इसे लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया. इस पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि मौजूदा सरकार को चाहिए कि वो हिंदुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करे. आपको बता दें भारत पहले भी बांग्लादेश में मौजूद हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मुद्दे को उठाता रहा है.
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