पनामा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पनामा नहर पर कब्जा करने की चिंताजनक धमकी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत की है. साथ ही उन्होंने अंतरमहासागरीय जलमार्ग पर दो बंदरगाहों के हांगकांग से जुड़े संचालक की ऑडिट भी शुरू कर दी है. धमकी को लेकर पनामा सिटी की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखा है और उसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर के एक आर्टिकल का हवाला दिया है, जो किसी भी सदस्य को किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध "बल की धमकी के इस्तेमाल" से रोक सकता है.
ट्रंप ने शपथ ग्रहण के दौरान पनामा नहर वापस लेने की बात कही थी
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी शपथ ग्रहण के दौरान सोमवार को अपनी शिकायत दोहराई थी कि चीन जलमार्ग के आसपास अपनी बढ़ती उपस्थिति के माध्यम से पनामा नहर का प्रभावी ढंग से "संचालन" कर रहा है, जिसे 1999 के अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका ने उसे सौंप दिया था. उन्होंने कहा था, "हमने इसे चीन को नहीं दिया है, हमने इसे पनामा को दिया है और अब हम इसे वापस ले रहे हैं."
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पनामा पोर्ट्स कंपनी में किया जाएगा ऑडिट
सार्वजनिक संस्थाओं की देखरेख करने वाले पनामा के नियंत्रक कार्यालय ने ट्रंप के इस बयान के बाद घोषणा की कि पनामा पोर्ट्स कंपनी में "सार्वजनिक संसाधनों के कुशल और पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से" "एक विस्तृत ऑडिट" शुरू किया जाएगा. यह कंपनी, हांगकांग स्थित समूह सीके हचिसन होल्डिंग्स की सहायक कंपनी हचिसन पोर्ट्स का हिस्सा है, जो नहर के दोनों छोर पर बाल्बोआ और क्रिस्टोबल बंदरगाहों का संचालन करती है.
हचिसन पोर्ट्स ने कही ये बात
इसपर हचिसन पोर्ट्स पीपीसी ने एक बयान में कहा कि उसने पनामा के प्राधिकारियों के साथ "पारदर्शी और सहयोगात्मक संबंध बनाए रखा है और आगे भी बनाए रखेगा." रिपब्लिकन कई हफ्तों से नहर को लेकर दबाव बना रहे हैं, जिसके जरिए अमेरिका के 40 प्रतिशत कंटेनर ट्रैफ्रिक यात्रा करते हैं. उन्होंने इसे वापस पाने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है.
अमेरिका और फिर चीन हैं इन नहर के मुख्य उपयोगकर्ता
बता दें कि पनामा पोर्ट्स कंपनी के एग्रीमेंट को 2021 में 25 साल के लिए बढ़ा दिया गया था. संयुक्त राज्य अमेरिका नहर का मुख्य उपयोगकर्ता है और उसके बाद चीन है. 2000 से, जलमार्ग ने पनामा के सरकारी खजाने में 30 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान दिया है, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग 2.5 बिलियन डॉलर शामिल है.
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