- पाकिस्तान ने मिडिल ईस्ट तनाव के कारण सभी बाजारों को रात नौ बजे बंद करने समेत कई कड़े निर्देश जारी किए
- सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन की सप्लाई तीन महीने तक पचास प्रतिशत कम करने का फैसला लिया गया है
- विदेशी दौरों पर तीन महीने की रोक लगाई गई है, हालांकि जरूरी यात्राओं को कुछ छूट दी गई है
पाकिस्तान कभी तो सऊदी अरब की मदद करने का दंभ भरने लगता है तो कभी ईरान को धमकाने लगता है. यहां तक की भारत को लेकर भी बड़ी-बड़ी बातें करने से नहीं हिचकता. अभी आज ही पाकिस्तानी के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सऊदी अरब के मक्का शहर के पास ड्रोन हमले की कोशिश किए जाने के बाद, इस्लामाबाद मक्का समझौते के तहत अपना दायित्व निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है. अगर ऐसा होता है तो फिर पाकिस्तान उन हूती विद्रोहियों पर हमला करेगा, जिसका सपोर्ट ईरान करता है.

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इससे पहले पाकिस्तान ने मक्का समझौते के तहत सऊदी का साथ देने से इनकार कर दिया था. इस बयान के कुछ ही देर बाद वीर-बहादुर पाकिस्तान की सरकार ने अपनी जनता के लिए दिशा-निर्देश की पूरी शृंखला जारी कर दी. इसमें कहा गया कि मिडिल ईस्ट में फिर से बढ़े तनाव के बीच ईंधन संकट हो गया है. इसलिए अब पाकिस्तान के सभी बाजार रात 9 बजे बंद कर दिए जाएं. शादियों में सिर्फ एक डिश ही परोसी जाए. वहीं सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन की सप्लाई तीन महीने के लिए 50% कम कर दी गई है.
अब पाकिस्तान में क्या-क्या होगा
- दुकानें, शॉपिंग मॉल और बाजार, साथ ही डिपार्टमेंटल, ग्रोसरी, जनरल और किराना स्टोर रात 9 बजे तक बंद हो जाएंगे.
- मैरिज हॉल, मार्की और अन्य सभी कमर्शियल जगहें जहां उत्सव या कार्यक्रम होते हैं, रात 10 बजे तक बंद हो जाएंगी.
- रेस्तरां, कैफ़े, खाने-पीने की जगहें और फ़ूड आउटलेट, साथ ही अलग से चलने वाली फल और सब्ज़ी की दुकानें रात 11 बजे तक बंद हो जाएंगी. टेकअवे और होम डिलीवरी सेवाओं को इस पाबंदी से छूट दी गई है.
- फ़ार्मेसी, मेडिकल और मेडिकल सप्लाई की दुकानें, मेडिकल लैब, क्लिनिक, अस्पताल, अलग से चलने वाली बेकरी, तंदूर, दूध और डेयरी की दुकानें, फ़्यूल और CNG स्टेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, जिम, स्पोर्ट्स फ़ैसिलिटी और स्पोर्ट्स/पैडल कोर्ट, IT कंपनियां और कॉल सेंटर को भी समय की किसी भी पाबंदी से छूट दी गई है.
- इसके अलावा, नोटिफ़िकेशन में कहा गया है कि शादी से जुड़े सभी कार्यक्रमों या आयोजनों में सिर्फ एक ही डिश परोसी जानी चाहिए.
- सरकारी गाड़ियों के लिए तीन महीने तक ईंधन की सप्लाई में 50% की कटौती शामिल है.
- सशस्त्र बलों, सिविल सशस्त्र बलों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, जरूरी सेवाओं और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गाड़ियों को इस पाबंदी से छूट दी गई है, सिवाय उन गाड़ियों के जो इन संस्थाओं के प्रशासनिक या नॉन-ऑपरेशनल विभागों द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं.
- सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों से जुड़े खर्चों के अलावा अन्य खर्चों के बजट में भी 5% की कटौती की घोषणा की है, और यह कटौती हर महीने की जाएगी.
- यह नियम विदेशी मिशनों और उनमें तैनात किसी भी सर्विस या ग्रुप के अधिकारियों/कर्मचारियों पर भी लागू होगा; हालांकि, उनके किराए, पढ़ाई की फीस और मेडिकल सुविधाओं से जुड़ी जरूरतों को पूरा किया जाएगा.
- साथ ही यह भी बताया गया कि यह नियम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर लागू नहीं होगा.
- सरकार ने सभी तरह की गाड़ियां खरीदने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है, लेकिन यह रोक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर लागू नहीं होगी.
- इसमें IT से जुड़े इक्विपमेंट और सर्विस को छोड़कर, लंबे समय तक चलने वाले सभी सामानों की खरीद पर भी रोक लगा दी गई है.
- साथ ही यह साफ किया गया है कि यह नियम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर लागू नहीं होगा.
- इसके अलावा, विदेशी दौरों और यात्राओं पर तीन महीने की रोक लगा दी गई है, जिसमें सरकारी अधिकारियों की जरूरी यात्राएं भी शामिल हैं.
- हालांकि, यह रोक इंटरनेशनल डेवलपमेंट पार्टनर्स की तरफ से दी जाने वाली स्कॉलरशिप, या इकोनॉमिक अफेयर्स डिवीजन या पाकिस्तान सरकार के संस्थागत समझौतों के तहत आयोजित ट्रेनिंग और कोर्स पर लागू नहीं होगी.
- इस दौरान जरूरी और अहम कार्यक्रमों में पाकिस्तान के संबंधित राजदूत या हाई कमिश्नर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
- हालांकि, "जरूरी दौरों" के मामले में सभी मंत्री, सलाहकार, राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री के विशेष सहायक, संसदीय और सरकारी अधिकारी "सिर्फ इकॉनमी क्लास में यात्रा" करेंगे.
- सरकार ने यह भी निर्देश दिया कि शहर के अंदर होने वाली बैठकों को छोड़कर, सरकारी बैठकें टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएं.
- अब विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आने के मामलों को छोड़कर, कोई भी सरकारी डिनर आयोजित नहीं किया जाएगा.
- सरकार द्वारा फंड किए जाने वाले सभी सरकारी सेमिनार, ट्रेनिंग और कॉन्फ्रेंस पर भी रोक लगा दी गई.
- हालांकि, जिन मामलों में ऐसे कार्यक्रम जरूरी माने गए, वहां उनके आयोजन के लिए ऑडिटोरियम और कमिटी रूम जैसी सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा.
इसमें आगे कहा गया कि किसी भी उपाय से छूट के अनुरोधों पर 'ईंधन संरक्षण और अतिरिक्त मितव्ययिता उपायों की निगरानी और कार्यान्वयन समिति' द्वारा हर मामले के आधार पर विचार किया जा सकता है. इसके बाद समिति अपनी सिफारिशें मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री को सौंपेगी. इस हफ्ते की शुरुआत में, सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा था कि सरकार मध्य पूर्व में फिर से बढ़े तनाव के बीच, ईंधन बचाने के पिछले अभियान के दौरान लागू किए गए मितव्ययिता उपायों को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है. सरकार ने पहले 9 मार्च को चल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष के असर को कम करने के लिए मितव्ययिता के उपाय लागू किए थे. इनमें सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती, सांसदों के वेतन में कटौती और सार्वजनिक क्षेत्र में आंशिक रूप से घर से काम करने की नीति शामिल थी.
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