नई दिल्ली:
भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान से कहा कि वह इस बात को स्वीकारे कि 2008 के मुम्बई हमले के संदिग्ध अबू जिंदाल हमजा को उसने अपनी धरती पर पनाह दी थी और हमजा मुम्बई हमले का सूत्रधार था।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने मंत्रालय के कार्य-कलाप पर मासिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि वह स्वीकार करते हैं कि अबू जिंदाल हमजा एक भारतीय है, जैसा कि पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कुछ दिनों पहले दावा किया था। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान से अपेक्षा करते हैं कि वह संदिग्ध आतंकवादी से जुड़े इन तथ्यों को स्वीकार कर ले कि उसने कराची में एक 'नियंत्रण कक्ष' बनाया था और नवम्बर 2008 के मुम्बई हमले में शामिल 10 आतंकवादियों को उसने प्रशिक्षित किया था।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि उसे जल्द ही ज़बीउद्दीन उर्फ अबु हमज़ा के बयान की कॉपी भारत देगा। रहमान ने कहा कि भारत ज़बीउद्दीन के जिस पासपोर्ट को पाकिस्तान की तरफ से जारी किया बता रहा है वह पाकिस्तान को दिया जाए। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई ब्लास्ट के सिलसिले में भारत की पूरी मदद करता रहेगा। साथ ही भारत और पाकिस्तान को अपने दुश्मनों की पहचान करनी होगी।
ज्ञात हो कि हमला मुम्बई के प्रमुख स्थानों पर किया गया था, जिसमें विदेशी सैलानियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने मंत्रालय के कार्य-कलाप पर मासिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि वह स्वीकार करते हैं कि अबू जिंदाल हमजा एक भारतीय है, जैसा कि पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कुछ दिनों पहले दावा किया था। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान से अपेक्षा करते हैं कि वह संदिग्ध आतंकवादी से जुड़े इन तथ्यों को स्वीकार कर ले कि उसने कराची में एक 'नियंत्रण कक्ष' बनाया था और नवम्बर 2008 के मुम्बई हमले में शामिल 10 आतंकवादियों को उसने प्रशिक्षित किया था।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान उम्मीद कर रहा है कि उसे जल्द ही ज़बीउद्दीन उर्फ अबु हमज़ा के बयान की कॉपी भारत देगा। रहमान ने कहा कि भारत ज़बीउद्दीन के जिस पासपोर्ट को पाकिस्तान की तरफ से जारी किया बता रहा है वह पाकिस्तान को दिया जाए। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान मुंबई ब्लास्ट के सिलसिले में भारत की पूरी मदद करता रहेगा। साथ ही भारत और पाकिस्तान को अपने दुश्मनों की पहचान करनी होगी।
ज्ञात हो कि हमला मुम्बई के प्रमुख स्थानों पर किया गया था, जिसमें विदेशी सैलानियों सहित 166 लोग मारे गए थे।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मैं मलिक की इस बात से सहमत हूं... अबू जिंदाल एक भारतीय नागरिक है और वह भारत में रहते हुए कट्टपंथी बन गया। मैं यह स्वीकार करता हूं।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इसी तरह, पाकिस्तान को स्वीकार करना चाहिए कि जिंदाल पाकिस्तान गया था। वह उस समूह का हिस्सा था, जिसने साजिश रची और (अजमल) कसाब व अन्य नौ (हमले में शामिल आतंकवादियों) को प्रशिक्षण देकर तैयार किया, अबू जिंदाल नियंत्रण कक्ष में था और मुम्बई हमले के सूत्रधारों और सरगनाओं में से एक था।"
चिदम्बरम ने कहा, "जिस तरह हम तथ्यों को स्वीकार करते हैं, पाकिस्तान भी तथ्यों को स्वीकार करे।" उन्होंने कहा, "अबू जिंदाल को पाकिस्तान में अत्यंत सुरक्षित पनाह मिला था।"
अपने मंत्री की टिप्पणियों में अपनी बात जोड़ते हुए गृह सचिव आरके सिंह ने कहा, "वे (पाकिस्तानी) इस तथ्य को भी स्वीकार करें कि उन्होंने उसे पासपोर्ट मुहैया कराया था उसे दो पहचानपत्र दिए थे। वे यह भी स्वीकार करें कि अबू जिंदाल सऊदीवासी होने के साथ पाकिस्तानी भी था।"
गौरतलब है कि सऊदी अरब द्वारा प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 21 जून को नई दिल्ली पहुंचे ही जिंदाल को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने जो खुलासे किए, उसी का जिक्र चिदम्बरम और आरके सिंह ने मीडिया के साथ बातचीत में किया।
सऊदी अरब जाकर जिंदाल को पकड़ने और प्रत्यर्पित किए जाने के बाद उसे भारत लाने के लिए भारतीय अधिकारियों की पीठ थपथपाते हुए चिदम्बरम ने कहा कि मुम्बई और अन्य स्थानों पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि मुम्बई हमलों के अलावा अबू जिंदाल 2006 में औरंगाबाद में हथियारों का जखीरा बरामद होने और उसी वर्ष अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले तथा पुणे में बेस्ट बेकरी विस्फोट कांड में भी वांछित था।
यह जिज्ञासा करने पर कि विभिन्न पुलिस बल जिंदाल को अपनी हिरासत में लेने का प्रयास कर रहे हैं, चिदम्बरम ने स्पष्ट किया कि कोई किसी से लड़ नहीं रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस की उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। इसके अलावा मुम्बई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, गुजरात पुलिस सहित अन्य पुलिस बलों को भी उससे पूछताछ करने का मौका दिया जाएगा।
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