- एक साल पहले भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकी ठिकानों पर सफल सैन्य कार्रवाई की थी
- इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेंस और एयरबेस को भी सटीक निशाना बनाया था
- पाकिस्तान को इस कार्रवाई के बाद अमेरिका की मदद लेनी पड़ी और वहां घबराहट का माहौल बना था- ऑस्ट्रिया के एक्सपर्ट
भारत गुरुवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ मना रहा है. यह एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई थी, जिसे भारतीय सेना ने पिछले साल इसी दिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों और उनके बड़े ठिकानों के खिलाफ अंजाम दिया था. आतंक की फसल बोने और काटने वाले पाकिस्तान को भारत ने अंदर तक चोट पहुंचाई थी और उसे जख्म भी ऐसा लगा था कि वो आज तक उससे उबर नहीं पाया है. भले पाकिस्तानी सरकार और वहां की सेना अपनी जनता को गुमराह करने के लिए शेखी बघारे, ऑस्ट्रिया के हवाई युद्ध विशेषज्ञ और इतिहासकार टॉम कूपर ने उसे आईना दिखा दिया है. टॉम कूपर का कहना है कि “ऑपरेशन सिंदूर” में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान के जवाबी हमलों को रोका, बल्कि उसके एयर डिफेंस और एयरबेस को भी सटीक निशाना बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान में घबराहट फैल गई थी और उसे अमेरिका की मदद लेने की कोशिश करनी पड़ी.
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “विजेता बिल्कुल साफ है. एक साल बाद भी इससे अलग सोचने की कोई वजह नहीं है. भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद बड़े आतंकी कैंपों पर सफल जवाबी हमले किए, जिन्हें पहले भारत की पहुंच से बाहर माना जाता था... भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान के जवाबी हमलों को रोका, बल्कि उसके एयर डिफेंस और एयरबेस को भी सटीक नुकसान पहुंचाया. नई दिल्ली ने साफ संदेश दिया कि हम पाकिस्तान में जहां चाहें हमला कर सकते हैं और तुम हमें रोक नहीं सकते.”
अमेरिका के पास पहुंच गया था पाकिस्तान
टॉम कूपर के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि अगर तनाव बढ़ता है तो भारत उसके लिए भी तैयार है, लेकिन पाकिस्तान भारत को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा सकता. उन्होंने कहा, “यही वजह थी कि पाकिस्तान, खासकर इस्लामाबाद में घबराहट फैल गई और उन्होंने अमेरिका को इसमें शामिल करने की कोशिश की.”
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना खुद को अमीर बना रही है जबकि आम लोग गरीबी में जी रहे हैं.
टॉम कूपर ने कहा, “वे अपने बच्चों को पश्चिमी देशों के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में भेजते हैं, जबकि दूसरी तरफ जिहाद को बढ़ावा देते हैं. वे हर साल अरबों रुपये नए परमाणु हथियार बनाने और उनसे जुड़ी सुविधाएं तैयार करने में खर्च कर रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान में राजनीतिक माहौल ऐसा है कि वहां की राजनीतिक पार्टियों के पास सेना की बनाई कहानी (नैरेटिव) का समर्थन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. उन्होंने कहा, “अगर राजनीतिक नेता सेना की लाइन का समर्थन नहीं करते, तो उन्हें जेल में डाल दिया जाता है, तख्तापलट हो जाता है या फिर सेना सत्ता पर कब्जा कर लेती है.”
एक नजर में “ऑपरेशन सिंदूर”
बता दें कि “ऑपरेशन सिंदूर” पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें पाकिस्तान के आतंकियों ने 26 लोगों की बेहरमी से हत्या कर दी थी. इसके बाद भारत ने कड़ी सैन्य कार्रवाई की. 7 मई 2025 को शुरू किए गए इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मौजूद नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड नष्ट कर दिए. इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के अड्डे शामिल थे.
भारतीय सेना ने इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया. इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन हमले और गोलाबारी की, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिन तक संघर्ष चला. भारत ने मजबूत रक्षा दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की और लाहौर में रडार इंस्टॉलेशन तथा गुजरांवाला के पास रडार सुविधाओं को नष्ट कर दिया. भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क किया. इसके बाद 10 मई को युद्धविराम पर सहमति बनी और दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म हुआ.
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