दुनिया को परमाणु हथियारों की ताकत दिखाने वाले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन अब अपनी ही सेहत को लेकर चर्चा में हैं. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किम का वजन 140 Kg से ज्यादा हो चुका है. वह दिल की गंभीर बीमारियों के हाई रिस्क कैटेगरी में आ गए हैं. उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की सेहत को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (NIS) के आकलन के अनुसार किम जोंग उन 'अत्यधिक मोटापे' की श्रेणी में आते हैं और उनका वजन 140 किलोग्राम से अधिक हो चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक उनकी वर्तमान शारीरिक स्थिति उन्हें दिल और रक्तवाहिकाओं से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे वाले समूह में रखती है.
दक्षिण कोरियाई सांसद युन कुन-यंग ने खुफिया एजेंसी की जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि किम लंबे समय से धूम्रपान करते हैं और मोटापे की समस्या से भी जूझ रहे हैं. हालांकि एजेंसी का कहना है कि फिलहाल उनके कामकाज या सामान्य गतिविधियों पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है. रिपोर्ट के अनुसार किम सीढ़ियां चढ़ने या तेज गति से चलने जैसी गतिविधियां भी कर रहे हैं और उनकी निगरानी के लिए विशेष मेडिकल टीम लगातार मौजूद है.
क्यों हो रही है किम जोंग उन की सेहत की चिंता?
किम जोंग उन की सेहत को लेकर चिंता इसलिए भी ज्यादा रहती है क्योंकि उत्तर कोरिया का सत्ता ढांचा काफी हद तक एक व्यक्ति के नेतृत्व पर टिका माना जाता है. ऐसे में अगर कभी उनकी सेहत अचानक बिगड़ती है या कोई अप्रत्याशित स्थिति पैदा होती है तो सत्ता हस्तांतरण और देश की स्थिरता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं. उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों से लैस देश है, इसलिए वहां नेतृत्व में किसी भी तरह की अनिश्चितता को दुनिया गंभीरता से देखती है.
उस दौरान दुनिया भर के मीडिया में उनके गंभीर रूप से बीमार होने और सर्जरी के बाद स्वास्थ्य खराब होने जैसी खबरें सामने आई थीं. हालांकि बाद में वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आए और उन अटकलों पर विराम लग गया.
पिता और दादा को भी थी स्मोकिंग की लत, दोनों को पड़ा था दिल का दौरा
किम जोंग उन के परिवार का स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी अक्सर चर्चा में रहता है. उनके पिता किम जोंग इल और दादा किम इल सुंग दोनों को मोटापा और धूम्रपान की आदत थी. दोनों नेताओं की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी. इसी वजह से विशेषज्ञ किम जोंग उन की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को भी गंभीरता से देखते हैं.
संयुक्त राष्ट्र की उत्तर कोरिया पर विशेष मानवाधिकार रिपोर्टर एलिजाबेथ सैल्मन ने इस साल कहा था कि देश में खाद्य कमी अब भी बड़ी मानवीय चिंता बनी हुई है. वहीं, 2019 में हनोई में हुए अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन के दौरान किम के निजी रसोइयों के साथ काम कर चुके मेट्रोपोल होटल के कार्यकारी शेफ पॉल स्मार्ट ने दावा किया था कि किम को महंगे और लग्जरी व्यंजन काफी पसंद हैं.
उनके अनुसार किम कैवियार, लॉब्स्टर, फोआ ग्रा और अन्य प्रीमियम खाद्य पदार्थों का शौक रखते हैं. उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरियाई नेता अक्सर बेहद आलीशान भोजन का आनंद लेना पसंद करते हैं. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का ताजा आकलन ऐसे समय सामने आया है जब किम जोंग उन लगातार सैन्य गतिविधियों और हथियार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं.
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