वाशिंगटन:
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि उत्तर कोरिया को ईरान के साथ वाशिंगटन की हो रही परमाणु वार्ता से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि वाशिंगटन अपने विरोधियों के साथ भी वार्ता के लिए तैयार रहता है, अगर वह बातचीत करने के लिए ‘विश्वसनीय’ हैं।
उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर लंबित छह देशों की वार्ता के लिए नियुक्त अमेरिकी दूत सिडनी सिलर ने मंगलवार को कहा कि क्यूबा और म्यांमार ने भी इस तरह की पेशकश पर जवाब दिया है।
हालांकि, सिलर ने कहा कि दो सालों में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि प्योंगयोंग अपने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए तैयार है, क्योंकि इसका नेतृत्व प्रतिबंधों और राजनयिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बावजूद अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित कर रहा है।
सिलर ने सेंटर फॉर स्ट्रेटैजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में कहा कि उत्तर कोरिया ने ईरान वार्ता से कोई सबक नहीं सीखा है और अगर कुछ सबक उसे मिला है तो ऐसा हमें कुछ देखने को मिलेगा।
उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर लंबित छह देशों की वार्ता के लिए नियुक्त अमेरिकी दूत सिडनी सिलर ने मंगलवार को कहा कि क्यूबा और म्यांमार ने भी इस तरह की पेशकश पर जवाब दिया है।
हालांकि, सिलर ने कहा कि दो सालों में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि प्योंगयोंग अपने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए तैयार है, क्योंकि इसका नेतृत्व प्रतिबंधों और राजनयिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बावजूद अपने परमाणु कार्यक्रम को विकसित कर रहा है।
सिलर ने सेंटर फॉर स्ट्रेटैजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में कहा कि उत्तर कोरिया ने ईरान वार्ता से कोई सबक नहीं सीखा है और अगर कुछ सबक उसे मिला है तो ऐसा हमें कुछ देखने को मिलेगा।
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