पेरिस:
फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने सरकारी टेलीविजन पर एक संबोधन में कहा कि यूरोपीय देशों को हिंसाग्रस्त लीबिया से सम्बंधित मुद्दों पर एक जैसी रणनीति अपनानी चाहिए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सरकोजी ने अपने भाषण में कहा कि अरब देशों में जारी राजनीतिक संकट के नकारात्मक परिणाम हैं। इसके कारण यूरोप की ओर प्रवासियों का अनियंत्रित प्रवाह बना हुआ है और क्षेत्र में आतंकवाद बढ़ने का खतरा है। सरकोजी ने कहा, "निर्धारित लक्ष्य के साथ काम करना हमारा धर्म है.. इसलिए हमने यूरोपीय परिषद से कहा है कि लीबिया संकट पर एक रणनीति अपनाने के लिए सदस्य देशों की एक बैठक बुलाई जाए।" सरकोजी ने यूरोप का आह्वान किया कि भूमध्यसागर के दक्षिण में स्थित देशों के युवकों की शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए नए उपाय अपनाने चाहिए तथा इन युवा लोकतंत्रों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक आर्थिक एवं व्यापारिक नीति अपनानी चाहिए। सरकोजी ने कहा कि भूमध्यसागरीय संघ (यूएफएम) इस क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ज्ञात हो कि यूएफएम की स्थापना फ्रांस की पहल पर 2008 में हुई थी। इसमें यूरोप और भूमध्यसागर बेसिन के 43 देश शामिल हैं।
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