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यूरोप के इस देश को आज मिलेगा अपना पहला Gay प्रधानमंत्री, मात्र 38 साल की उम्र में रचा इतिहास

नीदरलैंड में 38 साल के नेता रॉब जेटेन देश के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री और पहले खुले तौर पर समलैंगिक (गे) प्रधानमंत्री बनेंगे. बीते साल अक्टूबर में हुए चुनाव में जेटेन ने चौंकाने वाली जीत हासिल की थी.

यूरोप के इस देश को आज मिलेगा अपना पहला Gay प्रधानमंत्री, मात्र 38 साल की उम्र में रचा इतिहास
रॉब जेटेन नीदरलैंड के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री और पहले खुले तौर पर समलैंगिक PM बनेंगे (AFP)
  • नीदरलैंड की नई सरकार सोमवार को शपथ लेगी, जिसमें रॉब जेटेन देश के सबसे युवा और पहले खुले समलैंगिक PM होंगे
  • रॉब जेटेन की पार्टी D66 ने CDA और VVD के साथ गठबंधन बनाया है, लेकिन संसद में बहुमत से नौ सीटें कम हैं
  • नई सरकार ने यूक्रेन को समर्थन देने और नाटो में रक्षा खर्च पूरा करने का वादा किया है
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नीदरलैंड की नई सरकार सोमवार को शपथ लेगी. 38 साल के मध्यमार्गी नेता (सेंटरिस्ट) रॉब जेटेन देश के अब तक के सबसे युवा प्रधानमंत्री और पहले खुले तौर पर समलैंगिक (गे) प्रधानमंत्री बनेंगे. बीते साल अक्टूबर में हुए चुनाव में जेटेन ने चौंकाने वाली जीत हासिल की थी. उन्होंने गीर्ट वाइल्डर्स की अगुवाई वाली कट्टर दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (PVV) को बहुत कम अंतर से हरा दिया था. यह स्नैप इलेक्शन (अचानक हुआ) तब हुआ जब PVV ने पिछली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया. वह सरकार नीदरलैंड के हाल के इतिहास की सबसे दक्षिणपंथी सरकार थी और सिर्फ 11 महीने चली.

रॉब जेटेन की पार्टी D66 ने सेंटर-राइट CDA और उदारवादी VVD के साथ मिलकर गठबंधन बनाया है. लेकिन उनके पास संसद में बहुमत से 9 सीटें कम हैं और कुल 66 सीटें ही हैं. इन पार्टियों को सरकार बनाने में 117 दिन लगे, जो पिछली सरकार के 223 दिनों से काफी कम है.

जीत के बाद जेटेन ने कहा था कि “अगर आप अपने देश के लिए सकारात्मक संदेश के साथ चुनाव प्रचार करें, तो जनवादी (पॉपुलिस्ट) राजनीति को हराया जा सकता है.”

नीदरलैंड के लिए जेटेन का प्लान क्या है?

चुनाव प्रचार के दौरान जेटेन ने कहा कि वह “नीदरलैंड को फिर से यूरोप के केंद्र में लाना चाहते हैं, क्योंकि यूरोपीय सहयोग के बिना हम कुछ भी नहीं हैं.”

जनवरी में जारी घोषणा पत्र में तीनों पार्टियों ने यूक्रेन को पूरा समर्थन देने और नाटो में तय रक्षा खर्च को पूरा करने का वादा किया. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार लाइडन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारा डे लांगे ने कहा कि जेनेट की यह नई सरकार पिछली सरकार जितनी दक्षिणपंथी नहीं है, लेकिन इसमें अब भी “दक्षिणपंथी झुकाव” है. उन्होंने कहा कि गठबंधन ने निवेश के लिए कर्ज लेने की बजाय बजट में कटौती करने का रास्ता चुना है. साथ ही नई सरकार की आप्रवासन (इमिग्रेशन) नीति पिछली सरकार से काफी मिलती-जुलती है.

पार्टियों ने सख्त प्रवासन नीति जारी रखने का वादा किया है. इसमें परिवार के सदस्यों को साथ लाने के नियम और कड़े करने जैसे कदम शामिल हैं. वे बेरोजगारी भत्ता सहित सामाजिक लाभों में कटौती करना चाहते हैं, ताकि सेना और रक्षा में निवेश के लिए पैसे जुटाए जा सकें. ख्याल रहे कि इस गठबंधन के पास अपना खुद का बहुमत नहीं है. ऐसे में कानून पास कराने के लिए विपक्षी दलों का समर्थन लेना होगा, इसलिए बड़े सुधारों को संसद से पास कराने में ज्यादा समय लग सकता है.

जेटेन और उनकी कैबिनेट सोमवार को हेग स्थित हाउस टेन बॉश महल में राजा विलेम-अलेक्जेंडर के सामने शपथ लेंगे.

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