नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. नेपाल सेना, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार खोज एवं बचाव कार्य कर रही हैं. बुधवार शाम तक 81 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया, जिसके साथ अब तक एयर रेस्क्यू के जरिए बचाए गए लोगों की संख्या 4,081 पहुंच गई है. वहीं कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में लापता लोगों की तलाश जारी है. राहत कार्यों के साथ चिकित्सा सेवाएं, सड़क संपर्क बहाली और राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है.
हवाई रेस्क्यू से 4,081 लोगों को बचाया गया
नेपाल सेना के अनुसार बुधवार शाम 6:30 बजे तक विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों से 81 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया. इसके साथ अब तक कुल 4,081 लोगों का एयर रेस्क्यू किया जा चुका है. बचाए गए लोगों में 3,798 नेपाली नागरिक और 283 विदेशी नागरिक शामिल हैं. लगातार खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हवाई अभियान जारी रखा गया है.

नेपाल बाढ़ के बाद में राहत कार्य जारी
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में तलाश जारी
रासुवागढ़ी हाइड्रोपावर परियोजना में संयुक्त बचाव दल पावरहाउस, ट्रांसफॉर्मर रूम और कंट्रोल प्वाइंट तक पहुंच गया है, जहां लापता लोगों की तलाश की जा रही है. रासुवा भोटेकोशी हाइड्रोपावर परियोजना में सेना की टीम लगभग 50 मीटर अंदर तक पहुंची और खोज अभियान के दौरान एक शव बरामद किया. इसके बाद भी तलाश जारी है. वहीं लांगटांग हाइड्रोपावर परियोजना में बचाव दल लगातार अभियान चला रहा है. सुरंग के भीतर जमा पानी कम करने के लिए विशेष चैनल निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है.

टनल के अंदर नेपाली सेना की टीम
चिलिमे और त्रिशूली परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर अभियान
चिलिमे हाइड्रो परियोजना में नेपाली और विदेशी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम करीब 140 मीटर अंदर तक पहुंची. AVATA ड्रोन की मदद से 40 मीटर अतिरिक्त हिस्से की तलाशी ली गई, लेकिन कोई व्यक्ति नहीं मिला. यहां भारी मशीनरी पहुंचाने के लिए पहुंच मार्ग बनाया जा रहा है. इसके लिए लगभग 25 मीटर चट्टानी हिस्से को विस्फोट कर हटाने और 50 मीटर सड़क निर्माण का कार्य बाकी है. अपर त्रिशूली-1 परियोजना में संयुक्त टीम हाकुबेसी स्थित ऑडिट-3 सुरंग के भीतर लगभग 1,200 मीटर तक पहुंची, लेकिन वहां भी कोई व्यक्ति नहीं मिला.

त्रासदी के बाद राहत कार्य को देखते हुए स्थानीय लोग
मलबे में खुदाई जारी
त्रिशूली-3ए परियोजना में 35 नेपाली सेना, 10 नेपाल पुलिस, 10 सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों और परियोजना प्रतिनिधियों की टीम सुरंग एवं पावरहाउस क्षेत्र में खोज अभियान चला रही है. त्रिशूली-3बी परियोजना में 87 नेपाली सेना, 4 पुलिस और 10 सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों की टीम तीन खुदाई मशीनों की मदद से मलबा हटा रही है. 11 मीटर गहराई तक खुदाई के दौरान लगभग 4 फुट का बीम/पिलर और कुछ ईंटें मिली हैं. आगे की तलाश जारी है.
पुल निर्माण और राहत अभियान में तेजी
नुवाकोट जिले की विदुर नगरपालिका-5 स्थित देवीघाट में तादी नदी पर अस्थायी पुल निर्माण का काम तेज गति से चल रहा है. इसके लिए नेपाल सेना के 55 इंजीनियरिंग कर्मियों को लगाया गया है. रासुवा और नुवाकोट के कॉलोनी, तुप्चे, डांसिंग, सामरी भन्ज्यांग, मैलुंग और स्याफ्रुबेसी क्षेत्रों में पैदल गश्त के जरिए लापता लोगों की तलाश की जा रही है.

मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर
8,800 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मैदान में
नेपाल सेना ने बताया कि टिमुरे से लेकर नुवाकोट, धादिंग, चितवन और पूर्वी नवलपरासी तक 8,800 से अधिक सैनिक राहत एवं बचाव कार्यों में तैनात हैं. ये टीमें घायलों और लापता लोगों की तलाश, शवों के प्रबंधन, राहत सामग्री के परिवहन, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों को खोलने तथा आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं.
नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता अभी भी लापता लोगों का पता लगाना, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और सामान्य जनजीवन बहाल करना है.
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