रूस ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) को तनाव देने वाला संगठन करार दिया है। रूस का कहना है कि यह अपने अस्तित्व में रहने की वजह तलाशता रहता है और इस क्रम में तनाव पैदा करता रहता है। यूक्रेन संकट नहीं होने के बाद भी यह रूस के साथ तनाव उत्पन्न करेगा।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, नाटो का विस्तार रुका नहीं है। यह अपने अस्तित्व को सार्थक बनाने के मौके तलाशता रहता है। अफगानिस्तान ने कुछ समय के लिए इसमें मदद की।"
लावरोव ने कहा, "यदि वारसा पैक्ट और सोवियत संघ नहीं रहा तो नाटो या शीत युद्ध के दौरान की अन्य बातों को क्यों बरकरार रखा जाए?"
उन्होंने कहा कि यदि यूक्रेन का मामला नहीं होता तो रूस की घरेलू या विदेश नीति के किसी अन्य पहलू का इस्तेमाल नाटो को प्रासंगिक बनाने के लिए किया जाता।
लावरोव के अनुसार, "हम लोगों ने सीरिया में देखा है, जब पश्चिमी देशों ने घोषित कर दिया कि बशर अल-असद अब उनके भागीदार नहीं हो सकते, जबकि हमने कहा कि सरकार नहीं गिराई जानी चाहिए और वार्ता आवश्यक है।"
रूसी विदेश मंत्री ने पूर्वी यूक्रेन में मानवीय सहायता मिशन भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान भी किया।
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