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NASA के नाइट वर्ल्ड मैप में UP-बिहार पृथ्वी का सबसे रोशन जगह, जानिए ऐसा क्यों?

नासा द्वारा अंतरिक्ष से ली गई इस तस्वीर में यूपी-बिहार को पृथ्वी का सबसे चमकीला जगह बताया गया है. ऐसे में इंटरनेट पर लोग हैरान है. लेकिन इसके पीछे की कहानी रोचक है. 

NASA के नाइट वर्ल्ड मैप में UP-बिहार पृथ्वी का सबसे रोशन जगह, जानिए ऐसा क्यों?
अंतरिक्ष से ली गई NASA की इस तस्वीर में यूपी-बिहार सबसे चमकीले जगह के रूप में उभरा है.
  • नासा ने 2014 से 2022 के बीच 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर रात की रोशनी का ग्लोबल मैप जारी किया है.
  • इस तस्वीर में उत्तर प्रदेश और बिहार को पृथ्वी के सबसे चमकीले इलाकों में से एक के रूप में दर्शाया गया है.
  • वैज्ञानिकों ने बताया कि शहरी विकास और बिजली की उपलब्धता में सुधार से बिहार में रात की रोशनी का स्तर बढ़ा है.
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NASA Earth Map: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की एक तस्वीर में UP, बिहार पृथ्वी का सबसे रोशन जगह दिखा है. अंतरिक्ष से ली गई वर्ल्ड नाइट लाइट मैप में यूपी और खासकर बिहार सबसे चमकीला नजर आ रहा है. इसे देखकर इंटरनेट पर लोग हैरान हो रहे हैं. बिहार भारत के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल है. यूपी की स्थिति बिहार से बेहतर है, लेकिन फिर भी यूपी कई विकसित राज्यों से पीछे है. लेकिन इसके बाद भी नासा द्वारा अंतरिक्ष से ली गई इस तस्वीर में यूपी-बिहार को पृथ्वी का सबसे चमकीला जगह बताया गया है. ऐसे में इंटरनेट पर लोग हैरान है. लेकिन इसके पीछे की कहानी रोचक है. 

16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण

दरअसल NASA ने 13 अप्रैल को सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित एक नया ग्लोबल मैप जारी किया, जिसमें दिखाया गया है कि 2014 से 2022 के बीच पृथ्वी पर रात की रोशनी में कैसे बदलाव आया है? वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की तस्वीर बनाने के लिए नौ सालों तक हर रात जमा की गई 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया. नतीजों से पता चला कि शहरी विकास के कारण उत्तरी भारत में, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में रात की रोशनी का स्तर बढ़ गया है.

नासा की अंतरिक्ष से ली गई वर्ल्ड नाइट लाइट मैप.

नासा की अंतरिक्ष से ली गई वर्ल्ड नाइट लाइट मैप.

नासा अर्थ की तस्वीर से लोगों में कौतूहल

नासा अर्थ द्वारा सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई यह तस्वीर लोगों में कौतूहल पैदा कर रही है. नासा के इस रिसर्च के बारे में बताया गया कि कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी के टियान ली और झे झू के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने Visible Infrared Imaging Radiometer Suite (VIIRS) द्वारा ली गई तस्वीरों का विश्लेषण किया. 

इस रिसर्च के लिए एक नए एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया. जिसमें सुनहरे रंग वाले हिस्से रात की ज्यादा तेज रोशनी दिखाते हैं, जबकि बैंगनी रंग वाले हिस्से रात की रोशनी दिखाते हैं.

बैंगनी रंग कम रोशनी का सूचक

नासा की रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि भारत, चीन, मध्य पूर्व और मध्य अमेरिका ज्यादातर सुनहरे रंग के हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका में पश्चिम की ओर सुनहरे रंग के हिस्से हैं और पूर्व की ओर ज्यादा बैंगनी और सफेद रंग के हिस्से हैं. वहीं यूरोप का ज्यादातर हिस्सा बैंगनी रंग का है. जो इस की ओर से इशारा करता है कि इस दौरान उस क्षेत्र में रोशनी कम हुई थी. 

सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल, जवाब भी दिए

नासा अर्थ द्वारा यह तस्वीर साझा किए जाने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत यह बात उठाई कि उत्तर प्रदेश-बिहार का इलाका न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा चमकने वाले इलाकों में से एक बनकर उभरा है.

एक यूजर ने लिखा- क्या बिहार दुनिया के सबसे ज्यादा या शायद सबसे ज्यादा चमकने वाले इलाकों में से एक है??" एक यूज़र ने लिखा,  "बिहार, जो ज्ञान की धरती है, सबसे ज्यादा चमक रहा है."

तीसरे ने लिखा- "UP-बिहार इलाके की यह चमक पिछले 10-15 सालों में भारत की सबसे हैरान करने वाली उपलब्धि है. हर कोने-कोने तक बिजली पहुंचाना, उद्योगों को बढ़ाना, भारत में सबसे तेजी से बढ़ती प्रति व्यक्ति आय, और वह जनसंख्या घनत्व जिससे सभी को फायदा हो रहा है. ये सब सीधे अंतरिक्ष तक चमक रहे हैं."

एक यूजर ने यह भी लिखा कि मैं बिहार की बहुत आलोचना करता हूं, राज्य के नए CM से भी खुश नहीं हूं. लेकिन बिजली के मामले में बिहार में जबरदस्त काम हुआ है. इतनी ज्यादा जनसंख्या घनत्व के बावजूद, आम दिनों में 21-23 घंटे लगातार बिजली देना एक बड़ी उपलब्धि है, जो पहले सिर्फ 6 से 8 घंटे होती थी.

नासा की इस स्टडी में दुनिया के ज्यादातर बसे हुए हिस्सों को शामिल किया गया, जो 60 डिग्री दक्षिण से 70 डिग्री उत्तर अक्षांशों के बीच आते हैं. वैज्ञानिक अंधेरे हाईवे पर मौजूद टोल बूथ जितनी छोटी लाइट के सोर्स को भी कैप्चर कर पाए.

पृथ्वी हमें बहुत कुछ सिखा सकती हैः नासा

NASA के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में वायुमंडल और डेटा सिस्टम के डिप्टी डायरेक्टर मिगुएल रोमन ने कहा, “ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी अहम जानकारियां हासिल करना, उन कई तरीकों में से सिर्फ एक है, जिनसे NASA का डेटा इस नाज़ुक समय में राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को आगे बढ़ा रहा है.” उन्होंने यह भी कहा कि रात के समय पृथ्वी हमें बहुत कुछ सिखा सकती है.”

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