ढाका:
भारत और बांग्लादेश ने लंबे समय से चली आ रही सीमा समस्या को उस समय हल कर लिया जब दोनों देशों ने जमीनी सीमा के सीमांकन और एक दूसरे के देश के 162 इलाकों के आदान प्रदान पर ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। लेकिन तीस्ता और फेनी नदी जल के बंटवारे पर कोई समझौता नहीं होने से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली यात्रा पर की चमक फीकी पड़ गई। बांग्लादेश की अपनी समकक्ष शेख हसीना से मुलाकात करने वाले सिंह ने हालांकि कहा कि दोनों देशों ने फैसला किया है कि वे तीस्ता और फेनी नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर पारस्परिक तौर पर सहमति वाले, उपयुक्त और सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुंचने के लिए चर्चा जारी रखेंगे। तीस्ता नदी जल संधि को अंतिम समय में वार्ता से हटा दिए जाने से अप्रसन्न बांग्लादेश को संतुष्ट करने के कदम के तहत सिंह ने बांग्लादेश से 61 वस्तुओं के भारतीय बाजारों में शुल्क मुक्त आयात को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इसके अलावा बांग्लादेशियों को तीन बीघा गलियारे से 24 घंटे आवाजाही की इजाजत दी।
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