ओस्लो:
पाकिस्तान में तालिबान के हमले की शिकार किशोरी मलाला यूसुफजई को इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। नामित किए जाने की आखिरी तारीख 1 फरवरी थी।
इस वर्ष के पुरस्कारों की घोषणा भले ही अक्टूबर में की जाएगी, परंतु यह चर्चा काफी समय से जोरों पर थी, क्योंकि इसकी डेडलाइन 1 फरवरी को खत्म होने जा रही थी।
15-वर्षीय मलाला यूसुफजई पर लड़कियों के लिए शिक्षा की खातिर मुहिम छेड़ने के बाद तालिबान बंदूकधारियों ने उस पर गोलियां दागी थीं, जिनसे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इंग्लैंड में लंबे समय तक चले इलाज के बाद अब वह बेहतर है, परंतु उसके सिर का ऑपरेशन अभी किया जाना बाकी है।
इस वर्ष के पुरस्कारों की घोषणा भले ही अक्टूबर में की जाएगी, परंतु यह चर्चा काफी समय से जोरों पर थी, क्योंकि इसकी डेडलाइन 1 फरवरी को खत्म होने जा रही थी।
15-वर्षीय मलाला यूसुफजई पर लड़कियों के लिए शिक्षा की खातिर मुहिम छेड़ने के बाद तालिबान बंदूकधारियों ने उस पर गोलियां दागी थीं, जिनसे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इंग्लैंड में लंबे समय तक चले इलाज के बाद अब वह बेहतर है, परंतु उसके सिर का ऑपरेशन अभी किया जाना बाकी है।
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