
लंदन:
तालिबान हमले में घायल पाकिस्तानी किशोरी मलाला यूसुफजई कोमा से बाहर आ गई और वह सहारा लेकर खड़ी भी हुई। क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल के डेव रोजर ने यह जानकारी दी।
'द न्यूज' ने रोजर के हवाले से बताया कि मलाला शुक्रवार को कोमा से बाहर आ गई और उसने अपने विचारों को लिखकर व्यक्त किया। रोजर के अनुसार मलाला बोल नहीं पा रही हैं लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही बोलने लगेगी। उसे वेंटीलेटर से हटा दिया गया है।
घायल होने के बाद मलाला पहली बार सहारे के साथ खड़ी भी हुई। यद्यपि रोजर ने मलाला के संक्रमण पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "मलाला को ठीक होने में समय लगेगा।"
बालिका शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के कारण नेशनल पीस अवार्ड विजेता मलाला यूसुफजई पर 9 अक्टूबर को तालिबान आतंकवादियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात घाटी में हमला किया था जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना में दो अन्य लड़कियां भी घायल हो गई थीं।
पेशावर में चिकित्सकों ने मलाला के सिर को छेदते हुए उसके कंधे में प्रवेश कर गई गोली निकाल दी थी। फिर उसे रावलपिंडी के अस्पताल में दाखिल कराया गया था। बाद में उसे इलाज के लिए ब्रिटेन के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। दुनियाभर में इस हमले की कड़ी निंदा हुई थी।
'द न्यूज' ने रोजर के हवाले से बताया कि मलाला शुक्रवार को कोमा से बाहर आ गई और उसने अपने विचारों को लिखकर व्यक्त किया। रोजर के अनुसार मलाला बोल नहीं पा रही हैं लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही बोलने लगेगी। उसे वेंटीलेटर से हटा दिया गया है।
घायल होने के बाद मलाला पहली बार सहारे के साथ खड़ी भी हुई। यद्यपि रोजर ने मलाला के संक्रमण पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "मलाला को ठीक होने में समय लगेगा।"
बालिका शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के कारण नेशनल पीस अवार्ड विजेता मलाला यूसुफजई पर 9 अक्टूबर को तालिबान आतंकवादियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात घाटी में हमला किया था जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना में दो अन्य लड़कियां भी घायल हो गई थीं।
पेशावर में चिकित्सकों ने मलाला के सिर को छेदते हुए उसके कंधे में प्रवेश कर गई गोली निकाल दी थी। फिर उसे रावलपिंडी के अस्पताल में दाखिल कराया गया था। बाद में उसे इलाज के लिए ब्रिटेन के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। दुनियाभर में इस हमले की कड़ी निंदा हुई थी।