
शंघाई:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चीन की शीर्ष ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के जैक मा सहित चीन की अन्य शीर्ष कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से यहां मुलाकात की और उन्हें 'मेक इन इंडिया' (भारत में निर्माण) के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, चीन और भारत के बीच औद्योगिकी क्षेत्र में भागीदारी से दोनों देशों में निवेश और रोजगार बढ़ेगा और लोगों की संतुष्टि में सुधार होगा। इस अवसर पर, भारत और चीन की कंपनियों के बीच कुल 22 अरब डॉलर मूल्य के 21 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
मोदी ने चीन की कंपनियों को भारत में निवेश के ऐतिहासिक अवसरों का फायदा उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा, हमने भारत में व्यवसाय का माहौल बनाने और उसमें सुधार लाने का बीड़ा उठाया है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यदि आपने भारत में कदम रखने का फैसला किया तो मुझे पूरा विश्वास है कि आपको कारोबार में उत्तरोत्तर और अधिक आसानी होगी। उन्होंने कहा कि कई चीनी कंपनियां भारत की संभावनाओं का दोहन करने के लिए हमारे यहां निवेश कर सकती हैं। भारत में विनिर्माण, प्रसंस्करण और ढांचागत क्षेत्र में निवेश के विशाल अवसर हैं।
भारत में कारोबार की सुगमता के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, हम कर व्यवस्था को पारदर्शी, स्थिर और भरोसेमंद बना रहे हैं। हमने कर प्रणाली में बहुत सी प्रतिकूल चीजों को समाप्त कर दिया है।
इस मुलाकात पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर लिखा, मोदी ने सीईओ से कहा, मैं आपसे यह कहने आया हूं कि भारत में विनिर्माण करें (मेक इन इंडिया)'।
विदेश मंत्रालय के एक ट्वीट के अनुसार, मोदी ने व्यवसायियों से कहा, भारत और चीन साथ रह कर विश्व को कुछ दे सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के ट्वीट के अनुसार, अलीबाबा के जैक मा ने मोदी से कहा, "हम भारत को लेकर उत्सुक हैं। हम 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' को लेकर उत्साहित हैं।"
एक अन्य ट्वीट के अनुसार, सैनी कंपनी के अध्यक्ष लियांग वेनगेन ने कहा कि हम भारत को उम्मीद से देखते हैं, जहां जबरदस्त कार्य बल और बड़ा बाजार है।
मोदी ने उन्हें '5एफ फार्मूला-फ्राम फार्म टू फाइबर टू फैब्रिक टू फैशन टू फॉरेन' में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया।
ट्वीट के अनुसार, जियोमी के अध्यक्ष लिन बिन ने प्रधानमंत्री से कहा, हमारी भारत को लेकर बड़ी योजना है, हम 'मेक इन इंडिया' का पूरी तरह समर्थन करते हैं।
हार्बिन इलेक्ट्रिक के सीईओ जो ली ने प्रधानमंत्री से कहा कि उनकी कंपनी भारत की तरफ और ध्यान देना चाहेगी और 'मेक इन इंडिया' का लाभ उठाना चाहेगी।
प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वालों में हुवी, शंघाई अर्बन के सीईओ भी थे। मोदी के चीन दौरे का आखिरी पड़ाव शंघाई है, जहां से वह मंगोलिया के लिए रवाना होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, चीन और भारत के बीच औद्योगिकी क्षेत्र में भागीदारी से दोनों देशों में निवेश और रोजगार बढ़ेगा और लोगों की संतुष्टि में सुधार होगा। इस अवसर पर, भारत और चीन की कंपनियों के बीच कुल 22 अरब डॉलर मूल्य के 21 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
मोदी ने चीन की कंपनियों को भारत में निवेश के ऐतिहासिक अवसरों का फायदा उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा, हमने भारत में व्यवसाय का माहौल बनाने और उसमें सुधार लाने का बीड़ा उठाया है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यदि आपने भारत में कदम रखने का फैसला किया तो मुझे पूरा विश्वास है कि आपको कारोबार में उत्तरोत्तर और अधिक आसानी होगी। उन्होंने कहा कि कई चीनी कंपनियां भारत की संभावनाओं का दोहन करने के लिए हमारे यहां निवेश कर सकती हैं। भारत में विनिर्माण, प्रसंस्करण और ढांचागत क्षेत्र में निवेश के विशाल अवसर हैं।
भारत में कारोबार की सुगमता के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, हम कर व्यवस्था को पारदर्शी, स्थिर और भरोसेमंद बना रहे हैं। हमने कर प्रणाली में बहुत सी प्रतिकूल चीजों को समाप्त कर दिया है।
इस मुलाकात पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर लिखा, मोदी ने सीईओ से कहा, मैं आपसे यह कहने आया हूं कि भारत में विनिर्माण करें (मेक इन इंडिया)'।
विदेश मंत्रालय के एक ट्वीट के अनुसार, मोदी ने व्यवसायियों से कहा, भारत और चीन साथ रह कर विश्व को कुछ दे सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के ट्वीट के अनुसार, अलीबाबा के जैक मा ने मोदी से कहा, "हम भारत को लेकर उत्सुक हैं। हम 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' को लेकर उत्साहित हैं।"
एक अन्य ट्वीट के अनुसार, सैनी कंपनी के अध्यक्ष लियांग वेनगेन ने कहा कि हम भारत को उम्मीद से देखते हैं, जहां जबरदस्त कार्य बल और बड़ा बाजार है।
मोदी ने उन्हें '5एफ फार्मूला-फ्राम फार्म टू फाइबर टू फैब्रिक टू फैशन टू फॉरेन' में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया।
ट्वीट के अनुसार, जियोमी के अध्यक्ष लिन बिन ने प्रधानमंत्री से कहा, हमारी भारत को लेकर बड़ी योजना है, हम 'मेक इन इंडिया' का पूरी तरह समर्थन करते हैं।
हार्बिन इलेक्ट्रिक के सीईओ जो ली ने प्रधानमंत्री से कहा कि उनकी कंपनी भारत की तरफ और ध्यान देना चाहेगी और 'मेक इन इंडिया' का लाभ उठाना चाहेगी।
प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वालों में हुवी, शंघाई अर्बन के सीईओ भी थे। मोदी के चीन दौरे का आखिरी पड़ाव शंघाई है, जहां से वह मंगोलिया के लिए रवाना होंगे।
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