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This Article is From Mar 21, 2026

जिस खूबसूरत अमेरिकी महिला सैनिक पर फिदा थे लोग, वो निकली फर्जी...जानें वायरल मामले का होश उड़ाने वाला सच

MAGA समर्थक जिस अमेरिकी सैनिक पर फिदा हो गए थे, वह असल में फर्जी प्रोफाइल निकली, जिसने सोशल मीडिया को चौंका दिया.

जिस खूबसूरत अमेरिकी महिला सैनिक पर फिदा थे लोग, वो निकली फर्जी...जानें वायरल मामले का होश उड़ाने वाला सच
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरों में दिख रही अमेरिकी सैनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की देन थी
  • जेसिका के अकाउंट ने 4 महीनों में दस लाख से अधिक फॉलोअर्स जुटाए, लेकिन अमेरिकी सेना ने उसे असली सैनिक नहीं माना
  • सोशल मीडिया यूजर्स जेसिका की देशभक्ति और खूबसूरती की तारीफ कर रहे थे, जबकि वे उसकी नकली पहचान से अनजान थे

इंटरनेट की दुनिया में हाल के दिनों में एक महिला अमेरिकी सैनिक ने जबरदस्त सुर्खियां बटोरीं. कभी वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ चलती हुई नजर आई, तो कभी व्लादिमीर पुतिन के साथ सेल्फी लेते हुए. मेलानिया ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीरें भी खूब वायरल हुईं. यहां तक कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को बंदी बनाकर पेश करती तस्वीरें भी लोगों का ध्यान खींचती रहीं. इन पोस्ट्स पर लाखों फॉलोअर्स और हजारों लाइक्स देखकर लोग इसे ‘अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे की बहादुर अमेरिकी सैनिक मान बैठे. लेकिन असल में इस पूरी कहानी में एक बड़ा झोल छिपा था. दरअसल यह महिला असल में मौजूद ही नहीं थी. वह कोई बहादुर अमेरिकी महिला सैनिक नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई एक फर्जी पहचान थी, जिसने इंटरनेट पर हजारों‑लाखों लोगों को बिना बताए भ्रम की दुनिया में फंसा दिया.

कौन है जेसिका फॉस्टर?

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरों में एक सुनहरे बालों वाली महिला को ‘जेसिका फॉस्टर' नाम से दिखाया गया, जो अमेरिकी सेना (US Army) की सैनिक बताई जा रही थी. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ये तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई थीं. इन तस्वीरों में जेसिका को फारस की खाड़ी के होर्मुज स्ट्रेट में एक युद्धपोत पर हाई हील्स पहनकर चलते हुए दिखाया गया, कभी स्पीच देते हुए, कभी महिला सैनिकों के साथ तकिए की लड़ाई करते हुए और कभी दुनिया के सबसे चर्चित नेताओं से मिलते हुए.

चार महीनों के अंदर‑अंदर इस अकाउंट ने 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स भी जुटा लिए, जिनमें बड़ी संख्या ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) समर्थकों की थी. जब इस बारे में अमेरिकी सेना से पूछा गया, तो इस बारे में यूएस आर्मी ने साफ कहा कि जेसिका फॉस्टर नाम की किसी भी महिला सैनिक उनके रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है.

तस्वीरों पर फिदा थे लोग, हकीकत से बेखबर

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन पोस्ट्स के नीचे कमेंट करने वालों में ज्यादातर ऐसे अकाउंट थे जिनकी प्रोफाइल तस्वीरों में आदमी दिखाई दे रहे थे. लोग जेसिका की खूबसूरती की तारीफ कर रहे थे और उसके “देशभक्ति संदेशों” की सराहना कर रहे थे. कुछ तस्वीरों पर 30 हजार से ज्यादा लाइक्स भी आए. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि कमेंट सेक्शन में हार्ट‑आई इमोजी की बाढ़ आई हुई थी. हैरानी की बात यह थी कि ज्यादातर यूजर्स या तो इस बात से अनजान थे या फिर अनदेखा कर रहे थे कि यह प्रोफाइल पूरी तरह नकली है.

OnlyFans कनेक्शन और अकाउंट का गायब होना

अकाउंट के हटाए जाने से पहले यह भी सामने आया कि जेसिका फॉस्टर का प्रोफाइल एक OnlyFans पेज से जुड़ा हुआ था. OnlyFans ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया कि इस अकाउंट को इसलिए हटाया गया क्योंकि क्रिएटर की पहचान की पुष्टि ही नहीं हो सकीं. जैसे ही अकाउंट हटाया गया, वैसे ही उसी तरह की AI‑जनरेटेड तस्वीरों वाले नए अकाउंट सोशल मीडिया पर सामने आने लगे, जो उसी नैरेटिव को आगे बढ़ा रहे थे.

यह सिर्फ एक मामला नहीं, एक बड़ा ट्रेंड है

जेसिका फॉस्टर एआई के यूज का कोई अकेला फेक मामला नहीं है. TikTok, Instagram और X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर AI से बनी महिलाओं के दर्जनों अकाउंट मौजूद हैं, जो खुद को ट्रंप समर्थक सैनिक या पुलिस अधिकारी बताकर पेश कर रहे हैं. इन अकाउंट्स पर हजीरों लोग ऐसे प्रतिक्रिया देते हैं जैसे वे किसी असली व्यक्ति से बात कर रहे हों. असल में यह ट्रेंड सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है. BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़ी सैकड़ों AI‑जनरेटेड वीडियो ऑनलाइन सर्कुलेट हुई हैं, जिनमें ईरानी महिला सैनिक और पायलट सैन्य कार्रवाई का जश्न मनाती दिखती हैं, जबकि ईरान में महिलाओं को कॉम्बैट रोल में रहने की इजाज़त ही नहीं है.

राजनीतिक प्रतिक्रिया: ‘लोग AI के झांसे में आ रहे हैं'

इलिनॉय के पूर्व रिपब्लिकन सांसद एडम किंज़िंगर ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जेसिका फॉस्टर साफ तौर पर अमेरिकी सेना की सैनिक नहीं है। जेसिका फॉस्टर AI है। जेसिका फॉस्टर के एक मिलियन फॉलोअर्स हैं। और जब आप कमेंट्स देखते हैं तो हैरानी होती है कि लोग, खासकर MAGA समर्थक और उम्रदराज पुरुष—AI के झांसे में कैसे आ रहे हैं। यह वाकई हैरान करने वाला है.”

सोशल मीडिया और AI: हकीकत और भ्रम की नई जंग

यह पूरा मामला दिखाता है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया का मेल राजनीति, भावनाओं और भरोसे के साथ खतरनाक खेल खेल सकता है. जेसिका फॉस्टर जैसी कहानियां अब सिर्फ फर्जी प्रोफाइल नहीं रहीं, बल्कि यह उस दौर का संकेत हैं जहां हकीकत और झूठ के बीच की रेखा बेहद ही महीन होती जा रही है और शायद यही इस कहानी की सबसे बड़ी चेतावनी है.

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