- ईरान की सेना प्रमुख अमीर हातामी ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्री-एम्प्टिव अटैक की चेतावनी जारी की है
- ईरान में बढ़ती महंगाई और विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने जरूरी खाद्य वस्तुओं पर सब्सिडी देना शुरू किया है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा को लेकर मदद करने की धमकी दी थी
अमेरिका और ईरान के बीच का टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन को अमेरिका और इजरायल खुलकर समर्थन कर रहे हैं, जबकि ईरान की सेना इससे बहुत ही खफा है. सेना ने बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी जारी कर दी है. ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातामी ने बुधवार को देश को सीधे निशाना बनाने वाली बयानबाजी पर प्री-एम्प्टिव अटैक की चेतावनी दी है. उनका इशारा ट्रंप की उस चेतावनी की ओर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्या करता है," तो अमेरिका "उनकी मदद के लिए आगे आएगा. मतलब साफ है कि ईरान अब डिफेंसिव मोड से निकलकर ऑफेंसिव रुख अपना रहा है.
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ट्रंप की चेतावनी, ईरान का करारा जवाब
दरअसल पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की हत्या करना बंद नहीं करेगा तो अमेरिका उनकी मदद करेगा. ईरानी सेना प्रमुख ने ये बयान ऐसे समय में दिया है, जब ईरान इजरायल और अमेरिका से पैदा हुए दोहरे खतरे के साथ ही अपने ही घर में विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा है. ये सभी चीजें उसके लिए सीधी चुनौती बन गई हैं.
ईरान के प्रदर्शनकारियों के गुस्से को शांत करने की कोशिश करते हुए ईरानी सरकार ने बुधवार से चावल, मांस और पास्ता जैसी खाने की ज़रूरी चीज़ों की बढ़ती कीमतों पर सब्सिडी देना शुरू किया है. दुकानदारों का कहना है कि ईरान की रियाल मुद्रा के पतन और आयातकों और निर्माताओं के लिए रियायती डॉलर-रियाल विनिमय दर के ख्म होने की वजह से खाना पकाने के तेल जैसी बुनियादी चीज़ों की कीमतें भी तीन गुना हो सकती हैं, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क सकता है.
ईरान ने साफ कर दिया है कि उनके खिलाफ की जा रही बयानबाजी और धमकियों का जवाब अब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि सैन्य कार्रवाई से दिया जा सकता है.
प्री-एम्प्टिव अटैक क्या है?
प्री-एम्प्टिव अटैक का मतलब होता है आत्मरक्षा का अधिकार. यानी कि हमले को रोकने के लिए पूर्व-नियोजित सैन्य कार्रवाई करना. इस कार्रवाई को कोई देश अपने दुश्मन के होने वाले हमले को रोकने या कमजोर करने के लिए करता है. प्री-एम्प्टिव अटैक दुश्मन के वास्तव हमले से खुद को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किया जाता है. इसे आत्मरक्षा का एक रूप माना जाता है.
ट्रंप को दी गई चेतावनी के मुताबिक, ईरान अगर पहले हमला करने जैसा कदम उठाता है तो इसका सीधा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ेगा, जिसकी वजह से वैश्विक तेल सप्लाई बाधित हो सकती है.
होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत क्या है?
ईरान अक्सर ये धमकी देता है कि अगर उस पर हमला किया गया या उसे उकसाया गया तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को ब्लॉक कर देगा . अगर ऐसा होता है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी. होर्मुज जलडमरूमध्य एक पतला समुद्री रास्ता है. इस रास्ते से हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है. यह रास्ता ईरान के दुश्मनों के लिए अहम है.
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