- मोजतबा खामेनेई ने लंदन, दुबई, और यूरोप में गुप्त कंपनियों के माध्यम से बड़ी संपत्ति हासिल की है
- मोजतबा की वित्तीय संपत्ति में फारस की खाड़ी के जहाज, स्विस बैंक खाते, और ब्रिटिश आलीशान संपत्तियां शामिल हैं
- ये संपत्तियां मुख्य रूप से ईरानी तेल बिक्री से प्राप्त धन से खरीदी गईं, और अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा की संपत्ति को लेकर ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट ने ईरान के लोगों को हिलाकर रख दिया है. महंगाई से परेशान ईरान के लोग प्रदर्शन कर रहे थे. इस पर सरकार ने सख्ती बरतते हुए उन्हें आतंकवादी बताते हुए कार्रवाई की. पश्चिमी देशों का षडयंत्र बताया, मगर 1979 में गरीबों का मसीहा बनकर ईरान की क्रांति को जन्म देने वाले अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा की संपत्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. मगर दो सबसे गंभीर सवाल ये हैं कि क्या ये संपत्ति बगैर ईरान की सरकार के सहयोग के बिना बना है और दूसरा ये कि इस रिपोर्ट की टाइमिंग क्या प्रदर्शनों को और उत्तेजित करने के लिए है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में क्या है
- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी लंदन की एक इलाके को अरबपतियों के घर नाम से जाना जाता है. यहां कई खाली आलीशान घर दिखाई देते हैं. बिशप्स एवेन्यू पर स्थित इन आलीशान घरों के पीछे तेहरान से लेकर दुबई और फ्रैंकफर्ट तक फैला एक नेटवर्क है. कई गुप्त कंपनियों के माध्यम से, इन संपत्तियों का अंतिम मालिकाना हक मध्य पूर्व के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक, ईरान के सर्वोच्च नेता के दूसरे सबसे बड़े बेटे, मोजतबा खामेनेई तक पहुंचता है.
- मामले से परिचित लोगों और एक प्रमुख पश्चिमी खुफिया एजेंसी के आकलन के अनुसार, 56 वर्षीय मौलवी मोजतबा, जिन्हें उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का संभावित उत्तराधिकारी भी माना जाता है, एक विशाल निवेश साम्राज्य का संचालन करते हैं. लोगों का कहना है कि हालांकि युवा खामेनेई अपनी संपत्ति अपने नाम पर रखने से परहेज करते हैं, लेकिन वे सौदों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं, इनमें से कुछ सौदे कम से कम 2011 तक के हैं.
- नाम न छापने की शर्त पर जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, उनकी वित्तीय शक्ति फारस की खाड़ी में स्थित जहाजों से लेकर स्विस बैंक खातों और 138 मिलियन यूरो से अधिक मूल्य की ब्रिटिश आलीशान संपत्तियों तक फैली हुई है. इन सूत्रों का कहना है कि कंपनियों के इस जाल ने खामेनेई को 2019 में उन पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद पश्चिमी बाजारों में अरबों डॉलर की धनराशि पहुंचाने में मदद की है.
- इसमें लंदन के कई सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में स्थित प्रमुख अचल संपत्तियां शामिल हैं. एक घर की कीमत 2014 में 33.7 मिलियन यूरो थी, जब इसे खरीदा गया था. दुबई के "बेवर्ली हिल्स" कहे जाने वाले क्षेत्र में एक विला और फ्रैंकफर्ट से लेकर मलोरका तक के आलीशान यूरोपीय होटल. ब्लूमबर्ग द्वारा देखे गए दस्तावेजों और मामले से परिचित लोगों के अनुसार, इन लेन-देन के लिए धनराशि ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और संयुक्त अरब अमीरात के बैंकों में खातों के माध्यम से भेजी गई है. सूत्रों ने बताया कि यह धनराशि मुख्य रूप से ईरानी तेल बिक्री से प्राप्त होती है.
- ब्लूमबर्ग द्वारा देखे गए किसी भी दस्तावेज में खामेनेई के नाम पर सीधे तौर पर कोई संपत्ति दर्ज नहीं है. इसके बजाय, कई खरीददारी एक ईरानी व्यवसायी अली अंसारी के नाम पर दिखाई देती हैं, जिन पर ब्रिटेन ने अक्टूबर में प्रतिबंध लगा दिया था.
रिपोर्ट में कई दस्तावेजों का जिक्र
ईरान का सरकारी मीडिया सर्वोच्च नेता और उनके परिवार को सादगीपूर्ण और धार्मिक जीवन जीते हुए चित्रित करता है. युवा खामेनेई की छिपी हुई संपत्ति शासन द्वारा प्रचारित धार्मिकता की उस छवि से मेल नहीं खाती. खासकर बढ़ती गरीबी और इस्लामी गणराज्य के खिलाफ व्यापक अशांति और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर, जिन्होंने अपदस्थ राजशाही के लिए समर्थन जुटाने में मदद की है और इस साल की शुरुआत से ईरान में हजारों लोगों की जान ले ली है.
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ब्लूमबर्ग न्यूज़ की एक साल लंबी जांच से पता चलता है कि परिवार की वित्तीय पहुंच इस्लामी गणराज्य की सीमाओं से परे भी फैल चुकी है. यह रिपोर्ट उन लोगों के साक्षात्कारों पर आधारित है जिन्हें मोजतबा खामेनेई के वित्तीय लेन-देन की सीधी जानकारी है, साथ ही रियल एस्टेट रिकॉर्ड और गोपनीय व्यावसायिक दस्तावेजों की समीक्षा पर भी आधारित है - जिनमें होटल प्रबंधन समझौतों से लेकर कॉर्पोरेट स्वामित्व विवरण और बैंक हस्तांतरण तक शामिल हैं. पश्चिमी खुफिया आकलन के अनुसार, अंसारी विशेष रूप से इन सौदों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
कौन हैं अंसारी
वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के वरिष्ठ फेलो फरजिन नदीमी, जिन्होंने खामेनेई परिवार के वित्तीय साम्राज्य का अध्ययन किया है, कहते हैं, "ईरान और विदेशों में विभिन्न संस्थाओं में मोजतबा की बड़ी हिस्सेदारी या वास्तविक नियंत्रण है. उनके वित्तीय नेटवर्क का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि अली अंसारी उनके मुख्य खाताधारक हैं. इससे अंसारी आज देश के सबसे प्रभावशाली कुलीन वर्गों में से एक बन जाते हैं." अपने वकील के माध्यम से जारी एक बयान में अंसारी ने कहा कि वे "मोजतबा खामेनेई के साथ किसी भी प्रकार के वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध होने से पूरी तरह इनकार करते हैं" और उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए ब्रिटेन के प्रतिबंधों को चुनौती देने का इरादा जताया. 12 जनवरी को ईरानी विदेश मंत्रालय और संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन में ईरान के दूतावासों के माध्यम से भेजे गए टिप्पणी के अनुरोधों का खामेनेई ने कोई जवाब नहीं दिया.
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