तेहरान:
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद उनका देश परमाणु ऊर्जा विकसित करने के अपने अधिकार से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अहमदीनेजाद ने कहा, "उन्हें (पश्चिमी देश) समझ लेना चाहिए कि यह देश (ईरान) अपने अपरिहार्य अधिकारों से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा।"
अहमदीनेजाद अपने देश के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर देश पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र कर रहे थे।
इस महीने के प्रारम्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वित्त विभाग से कहा था कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाए, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अहमदीनेजाद ने कहा, "उन्हें (पश्चिमी देश) समझ लेना चाहिए कि यह देश (ईरान) अपने अपरिहार्य अधिकारों से लेश मात्र भी पीछे नहीं हटेगा।"
अहमदीनेजाद अपने देश के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर देश पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र कर रहे थे।
इस महीने के प्रारम्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने वित्त विभाग से कहा था कि वह उन संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाए, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हों।
अमेरिका ने भारत से भी आग्रह किया है कि वह ईरान से तेल आयात में कटौती करे।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम द्वारा लगाया जाने वाला कोई भी नया प्रतिबंध, अगले महीने होने वाली परमाणु वार्ता की भावना को प्रभावित करेगा।
ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन) तथा जर्मनी के बीच अंतिम दौर की बातचीत अप्रैल में इस्तानबुल में सम्पन्न हुई थी, और सभी पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया था। ये सभी पक्ष 23 मई को इराक की राजधानी बगदाद में फिर से बातचीत के लिए राजी हुए हैं।