लंदन:
विमान निर्माता कंपनी एयरबस की ओर से ध्वनिरहित विमान विकसित करने के लिए उपयुक्त टीम चुनने की प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय एयरोस्पेस-इंजीनियरिंग छात्रों का एक दल भी पहुंचा है।
चेन्नई के एसआरएम विश्वविद्यालय के छात्रों का दल उन आखिरी पांच प्रतियोगी टीमों में शामिल है जो ऐसे पहले विमान को विकसित करने की क्षमता का प्रदर्शन कर रही है जिसमें बिल्कुल भी आवाज नहीं होगी।
इस भारतीय टीम में अनीता मोहिल, बालकृष्णन सोलाराजू मुरली और माइकल थॉमस हैं। इनका मार्गदर्शन शिक्षक शक्विेल काशीनाथ कर रहे हैं।
‘फ्लाई योर आइडियाज’ नामक प्रतियोगिता का आयोजन एयरबस और यूनेस्को द्वारा किया गया है। इस प्रतियोगिता की शुरुआत साल 2008 में की गई थी। इस प्रतियोगिता का मकसद दुनिया भर के छात्रों के समक्ष विमानन उद्योग के लिए नए विचार सामने लाने की चुनौती प्रस्तुत करना है।
इस प्रतियोगिता के ताजा संस्करण में दुनिया के 82 देशों की 618 टीमों ने हिस्सा लिया है जिनमें 6000 से अधिक छात्र शामिल थे। प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, इटली और मलेशिया से हैं।
चेन्नई के एसआरएम विश्वविद्यालय के छात्रों का दल उन आखिरी पांच प्रतियोगी टीमों में शामिल है जो ऐसे पहले विमान को विकसित करने की क्षमता का प्रदर्शन कर रही है जिसमें बिल्कुल भी आवाज नहीं होगी।
इस भारतीय टीम में अनीता मोहिल, बालकृष्णन सोलाराजू मुरली और माइकल थॉमस हैं। इनका मार्गदर्शन शिक्षक शक्विेल काशीनाथ कर रहे हैं।
‘फ्लाई योर आइडियाज’ नामक प्रतियोगिता का आयोजन एयरबस और यूनेस्को द्वारा किया गया है। इस प्रतियोगिता की शुरुआत साल 2008 में की गई थी। इस प्रतियोगिता का मकसद दुनिया भर के छात्रों के समक्ष विमानन उद्योग के लिए नए विचार सामने लाने की चुनौती प्रस्तुत करना है।
इस प्रतियोगिता के ताजा संस्करण में दुनिया के 82 देशों की 618 टीमों ने हिस्सा लिया है जिनमें 6000 से अधिक छात्र शामिल थे। प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, इटली और मलेशिया से हैं।
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