- नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से पहली बार अकेले आमने-सामने मुलाकात की है
- आज ही भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के PM तारिक रहमान से पहली अहम राजनयिक मुलाकात की
- दोनों बैठकों के बीच एक बात कॉमन- भारत अपने दोनों पड़ोसियों के साथ रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है
दो पड़ोसी देशों में भारत की कूटनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद अहम रहा. नेपाल में प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने पहली बार किसी विदेशी राजदूत से अकेले मुलाकात की और वह भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव थे. इसी बीच ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से पहली मुलाकात की. दोनों बैठकों के बीच एक बात कॉमन थी- भारत अपने दोनों पड़ोसियों के साथ रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है. बांग्लादेश में शेख हसीना को लेकर तनाव और नेपाल का चीन के साथ संतुलन, इस कूटनीति को दिलचस्प बना रहा है.
बालेन शाह से भारतीय राजदूत की मुलाकात
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सोमवार को भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ बैठक की. 27 मार्च को प्रधानमंत्री बनने के बाद किसी विदेशी राजनयिक के साथ उनकी यह पहली आमने-सामने की बैठक थी. यह विदेशी राजदूतों के साथ अलग-अलग बैठकें न करने के उनके खुद बनाए नियम से हटकर था. इससे पहले, नेपाली प्रधानमंत्री अक्सर विदेशी राजनयिकों को आसानी से मिलने का समय दे देते थे. मीडिया और आम जनता ने इस चलन की काफी आलोचना की थी. लेकिन पीएम बनने के बाद से शाह ने विदेशी राजनयिकों के साथ आमने-सामने की बैठकें न करके इस चलन को बदलने की कोशिश की, हालांकि उन्होंने उनके साथ सामूहिक बैठकें कीं.
Ambassador of India to Nepal H. E. Mr Naveen Srivastava @navsri6619 paid a courtesy call on the Rt. Hon. Prime Minister Mr Balendra Shah @ShahBalen at Singhadurbar today.
— PMO (@PM_nepal_) August 10, 2026
On the occasion, discussions were focused on further strengthening Nepal-India relations, promoting… pic.twitter.com/4dz3tiHgc8
नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय ने सोमवार को बताया कि बालेन शाह ने सिंह दरबार स्थित अपने कार्यालय में भारतीय राजदूत से मुलाकात की. एक बयान में कहा गया, "बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने नेपाल और भारत के बीच द्विपक्षीय दोस्ती, आपसी हितों, विकास साझेदारी और सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की."
यहां खास बात थी कि बालेन शाह सोमवार को ही बाद में चीनी राजदूत झांग माओमिंग से भी अलग से मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री सचिवालय के एक सूत्र के अनुसार, मंगलवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी स्कॉट अर्बोम के साथ भी ऐसी ही बैठक की योजना है. नेपाल के दो करीबी पड़ोसियों के राजदूतों से एक ही दिन मिलने का फैसला यह संकेत देता है कि नेपाल दोनों पड़ोसी देशों के बीच बैलेंस बनाकर रखना चाहता है.
हसीना के मुद्दे पर तनाव, ऐसे में बांग्लादेश पीएम के साथ बैठक
नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन के बाद भारत और बांग्लादेश, दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक तनाव का माहौल है. ऐसे में बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को ही बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से एक अहम राजनयिक मुलाकात की. यह दोनों की पहली मुलाकात थी. इस मुलाकात से एक दिन पहले दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के साथ भी आमने-सामने की बातचीत की थी. खलीलुर रहमान आज की बैठक में भी मौजूद थे.
#WATCH | Dhaka, Bangladesh: High Commissioner of India to Dhaka, Dinesh Trivedi, meets Bangladesh PM, Tarique Rahman.
— ANI (@ANI) August 10, 2026
(Source: Bangladesh PM Office) pic.twitter.com/eaJyzjaXuj
यह दोनों मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि भारत से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सार्वजनिक बयानों को लेकर ढाका और नई दिल्ली के बीच राजनयिक तनाव देखा गया है. 5 अगस्त को नई दिल्ली में शेख हसीना ने वर्चुअल प्रेस बातचीत की थी. यह तारीख 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद उनके सत्ता से हटने की दूसरी बरसी थी और शेख हसीना को शरण देने के बाद उन्हें मीडिया के सामने अपनी बात रखने के लिए मंच देने का आरोप लगाते हुए ढाका ने कड़ी आपत्ति जताई थी.
अपने संबोधन में हसीना ने कहा कि वह दिसंबर में अपने देश लौटने और लोकतंत्र बहाल करके देश को सही रास्ते पर लाने के लिए दृढ़ हैं, भले ही उन्हें पता है कि लौटने पर उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है. इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और बयानों की निंदा की.
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