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अमेरिका में पकड़ा गया भारतीय चाइल्ड रेपिस्ट, 13 साल के बच्चे का यौन उत्पीड़न करने का आरोप

ICE के अनुसार, कोट्टापल्ली अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था और उसे अमेरिकी इमिग्रेशन कानून के तहत देश से बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं उस पर दुकान से चोरी और सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने के आरोप भी हैं.

अमेरिका में पकड़ा गया भारतीय चाइल्ड रेपिस्ट, 13 साल के बच्चे का यौन उत्पीड़न करने का आरोप
आरोपी की पहचान वोदेला यशस्वी कोट्टापल्ली के रूप में हुई
  • अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय वोदेला यशस्वी कोट्टापल्ली को यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया
  • ICE ने कोट्टापल्ली पर चोरी और सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने के आरोप भी लगाए हैं
  • डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अवैध प्रवासियों के खिलाफ ICE की कार्रवाई तेज हुई है
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अमेरिका में एक भारतीय व्यक्ति को 13 साल से भी कम उम्र के बच्चे के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने बताया कि आरोपी की पहचान वोदेला यशस्वी कोट्टापल्ली के रूप में हुई है. ICE के अनुसार, कोट्टापल्ली अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था और उसके खिलाफ अमेरिकी इमिग्रेशन कानून के तहत देश से बाहर निकालने की कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं उस पर दुकान से चोरी (शॉपलिफ्टिंग) और सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने के आरोप भी हैं.

अमेरिका की एजेंसी ने क्या बताया?

ICE ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, “भारत का आपराधिक अवैध प्रवासी वोदेला यशस्वी कोट्टापल्ली न्यू जर्सी में यौन उत्पीड़न और चोरी के मामलों का सामना कर रहा है. निर्वासन (देश से निकालना) की प्रक्रिया पूरी होने तक उसे हिरासत में रखा जाएगा.”

ICE ने कोट्टापल्ली को ‘चाइल्ड रेपिस्ट' बताते हुए कहा कि उस पर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. एजेंसी ने गिरफ्तारी की तारीख या कथित अपराधों के बारे में कोई और जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.

बता दें कि ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठने के बाद अमेरिका में मौजूद अवैध प्रवासियों के खिलाफ ICE की कार्रवाई तेज हो गई है. दिसंबर में एजेंसी ने ओरेगन में एक घातक हाईवे हादसे में शामिल एक भारतीय ट्रक चालक को भी हिरासत में लिया था, जिसमें दो अमेरिकी नागरिकों की मौत हो गई थी. भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े आव्रजन अभियान के तहत अमेरिका से 3,800 से अधिक भारतीयों को निर्वासित किया गया है.

अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने भी लगभग 25,000 ‘आपराधिक अवैध प्रवासियों' का एक डेटाबेस जारी किया है, जिनमें हत्यारे, यौन अपराधी और ड्रग्स तस्कर शामिल हैं. ये सभी ICE और यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन द्वारा गिरफ्तार किए गए और दोषी ठहराए गए हैं. इस सूची में ‘सबसे खतरनाक अपराधियों' की कैटेगरी में भारतीय मूल के 89 लोग भी शामिल बताए गए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई का वादा किया था और अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कई कार्यकारी आदेशों के साथ की. इनका उद्देश्य अमेरिका में आने वाले लोगों के लिए पूरे व्यवस्था को ही सख्त बनाना था. पदभार संभालने के पहले ही दिन उन्होंने अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर ‘राष्ट्रीय आपातकाल' घोषित करने वाले आदेशों पर हस्ताक्षर किए, वहां अतिरिक्त सैनिक तैनात करने की घोषणा की और ‘आपराधिक अवैध प्रवासियों' को देश से बाहर भेजने का संकल्प दोहराया.

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