राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया अमेरिका में क्यों हैं COVID-19 के इतने ज्यादा मामले?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि ट्रंप सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर टेस्टिंग अभियान चलाने की वजह से इतनी बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले आए हैं.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया अमेरिका में क्यों हैं COVID-19 के इतने ज्यादा मामले?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में हमने ज्यादा टेस्ट किए (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन:

अमेरिका में कोरोना के कहर के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को कहा कि अमेरिका दुनिया में सबसे बड़ा COVID-19 टेस्टिंग कार्यक्रम चला रहा है, जो रूस, चीन, भारत और ब्राजील जैसे बड़े देशों की तुलना में बेहतर है. उन्होंने जोर दिया कि दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) से होने वाली मौत के मामले में अमेरिका में "लगभग सबसे कम मृत्यु दर है."

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में गोलमेज बैठक के दौरान कहा, "हम उन देशों में हैं, जहां मृत्यु दर सबसे कम है." अमेरिका में अब तक 34 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और इस बीमारी की वजह से 1.37 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई है. अन्य देशों की तुलना में दोनों ही आंकड़े सबसे ज्यादा हैं. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर टेस्टिंग अभियान चलाने की वजह से इतनी बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले आए हैं. यह अभियान किसी भी अन्य देश की तुलना में ज्यादा व्यापक है. उन्होंने कहा, "हमने अब तक अन्य देशों से ज्यादा टेस्ट किए हैं. जब आप टेस्ट करते हैं तो नए केस सामने आते हैं. इसलिए हमारे यहां कोरोना के मामले आए हैं. मैं आपको बताना चाहता हूं कि कुछ देश हैं, जो सिर्फ तभी टेस्ट करते हैं जब बीमार व्यक्ति अस्पताल जाता है या फिर डॉक्टर के पास जाता है लेकिन आमतौर पर अस्पताल ही. वे इस तरह की टेस्टिंग कर रहे हैं इसलिए उनके यहां कोरोना के इतने मामले नहीं हैं. ये दोधारी तलवार है." 

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में कोरोना से मृत्य दर सबसे कम है या फिर सबसे कम मृत्यु दर के लगभग करीब है. उन्होंने कहा, "हम अच्छा काम कर रहे हैं. हम वैक्सीन के मोर्चे पर, थैरेपी के मोर्चे पर अच्छा काम कर रहे हैं. मुझे लगता है कि हमारे पास जल्द ही कुछ खबर होगी." 


अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हमारे पास सबसे अच्छा और निश्चित रूप से, दुनिया में कहीं भी सबसे बड़ा परीक्षण कार्यक्रम है. यदि आप चीन या रूस या किसी अन्य बड़े देश की बात करें, यदि आप भारत का ही उदाहरण ले तो जो जिस तरह से हमने टेस्टिंग किया तो वहां आप आश्चर्यजनक आंकड़े देखेंगे. ब्राजील में भी. ब्राजील भी बड़े संकट से गुजर रहा है लेकिन उन्होंने ऐसे टेस्टिंग नहीं किया है जैसे हमने किया है."

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