- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया दौरे के दौरान 1100 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे
- प्रम्बानन मंदिर 1100 साल पुराना है और इसे इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है
- यह मंदिर भगवान शिव, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित है और रामायण महाकाव्य की नक्काशियां इसमें उकेरी गई हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुस्लिम देश इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर के दौरे पर पहुंचे. सदियों पुराने इस मंदिर को मुस्लिम देश इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है. प्रम्बानन मंदिर योग्याकार्ता शहर से करीब 17 किमी. उत्तर-पूर्व में स्थित है. दरअसल भारत, योग्याकार्ता में मौजूद यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'प्रम्बानन मंदिर परिसर' के संरक्षण और जीर्णोद्धार में इंडोनेशिया की मदद करने जा रहा है. दोनों देशों ने इस परियोजना पर काम करने के लिए 'आशय पत्र' भी एक्सचेंज किया है.
पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे हेलीकॉप्टर की खिड़की से वे प्रम्बानन मंदिर का नजारा देख रहे हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा-'भव्य प्रम्बानन मंदिर!' वहीं एक अन्य वीडियो में पीएम मोदी मंदिर में अन्य लोगों के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं.
The majestic Prambanan Temple! pic.twitter.com/pRS2S9X5gm
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
1100 साल पुराना है प्रम्बानन मंदिर
पीएम मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि उनको बुधवार को योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिलेगा. 1100 साल पुराना प्रम्बानन मंदिर, भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है.
इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय! pic.twitter.com/AuHupT2vSO
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
इंडोनेशिया में भगवान शिव का सबसे बड़ा मंदिर
यूनेस्को की वेबसाइट के मुताबिक, इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है. इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है. ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं. इसके अलावा तीन अन्य मंदिर इन देवताओं के वाहनों को समर्पित हैं.
हिंदू राजा ने कराया था प्रम्बानन मंदिर का निर्माण
इस मंदिर का निर्माण संजया राजवंश के एक हिंदू राजा राकाई पिकाटन ने कराया था. इसका संस्कृत नाम शिवगृह है, मतलब शिव का घर. मंदिर में ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा होती है. यहां भगवान शिव की विशाल प्रतिमा विराजमान है.

PTI फोटो.
मंदिर की रेलिंग भी काफी नक्काशीदार
प्रम्बानन मंदिर परिसर को माउंट मेरू की तर्ज पर बनाया गया है. कहा जाता है कि इस मंदिर को बनाने का मकसद बौद्ध के बढ़ते प्रभुत्व के दौर में हिंदू धर्म को फिर से स्थापित करना था. आज यह इंडोनेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है. इस मंदिर की रेलिंग भी काफी नक्काशीदार है. इसे हिंदू शिक्षा के प्रसार का माध्यम माना जाता था. कहा जाता है कि रेलिंग पर उकेरी गई नक्काशी रामायण और महाभारत की कहानियां बयां करती है. सदियों पुरने इस मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत इंडोनेशिया की मदद करेगा.
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