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हंता वायरस पर क्या है अपडेट? स्पेन ने 90 से ज्यादा लोगों को किया रेस्क्यू

स्पेन के गृह मंत्रालय की सिविल प्रोटेक्शन और इमरजेंसी शाखा द्वारा जारी वीडियो के मुताबिक, रविवार दोपहर तक 14 अलग-अलग देशों के 49 यात्री और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला जा चुका था.

हंता वायरस पर क्या है अपडेट? स्पेन ने 90 से ज्यादा लोगों को किया रेस्क्यू
स्पेन के स्वास्थ्य सचिव हावियर पाडिला ने बताया कि 90 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद है.

हंता वायरस संक्रमण से प्रभावित क्रूज शिप एमवी होंडियस से यात्रियों और क्रू मेंबर्स को निकालने का अभियान तेजी से जारी है. स्पेन के स्वास्थ्य सचिव हावियर पाडिला ने बताया कि 90 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन प्लान के अनुसार चल रहा है और लगातार विभिन्न देशों के नागरिकों को उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है.

स्पेन के गृह मंत्रालय की सिविल प्रोटेक्शन और इमरजेंसी शाखा द्वारा जारी वीडियो के मुताबिक, रविवार दोपहर तक 14 अलग-अलग देशों के 49 यात्री और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला जा चुका था. अधिकारियों ने बताया कि ब्रिटेन, तुर्की, फ्रांस, आयरलैंड और अमेरिका के नागरिकों को भी रविवार देर तक बाहर निकाला गया. प्रशासन को उम्मीद है कि कुल निकाले गए लोगों की संख्या 90 के पार पहुंच जाएगी.

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WHO क्या कहता है?

जानकारी के अनुसार सोमवार को आखिरी रेस्क्यू फ्लाइट रवाना होगी, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को लेकर जाएगी. वहीं, नीदरलैंड्स भी एक विशेष 'स्वीप उड़ान' भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि ऐसे लोगों को वापस लाया जा सके जिन्हें उनके देश अब तक नहीं ले जा पाए हैं.

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हंतावायरस को लेकर अहम जानकारी साझा की है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, हंतावायरस एक वायरस है जो आमतौर पर चूहों जैसे कुतरने वाले जानवरों में पाया जाता है और कभी-कभी इंसानों में भी फैल सकता है. यह संक्रमण गंभीर बीमारी और कई मामलों में मौत का कारण बन सकता है.

डब्ल्यूएचओ के अनुसार अमेरिका में यह वायरस हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (एचसीपीएस) का कारण बनता है, जो फेफड़ों और दिल को तेजी से प्रभावित करता है. वहीं, यूरोप और एशिया में यह रीनल सिंड्रोम के साथ रक्तस्रावी बुखार (एचएफआरएस) पैदा करता है, जो किडनी और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है.

क्या इस बीमारी का कोई इलाज है?

फिलहाल इस बीमारी का कोई विशेष इलाज नहीं है लेकिन समय पर मेडिकल देखभाल और लगातार निगरानी से मरीज की जान बचाई जा सकती है. डब्ल्यूएचओ ने बताया कि संक्रमण से बचाव का सबसे बड़ा तरीका संक्रमित कुतरने वाले जानवरों से दूरी बनाए रखना है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमित चूहों के मूत्र, लार या मल के संपर्क में आने से वायरस फैल सकता है. इसके अलावा, बंद और कम हवादार जगहों की सफाई, खेती, जंगलों में काम करना या चूहों से भरी हुई जगहों पर सोना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है.

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