
जर्मनी आने वाले शरणार्थियों की फाइल फोटो
बर्लिन:
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के उप-प्रधानमंत्री सिग्मर गैब्रियल ने कहा है कि उनका देश एक साल में पांच लाख शरणार्थियों को जगह दे सकता है और ऐसा कुछ सालों तक किया जा सकता है।
उप-प्रधानमंत्री ने सोमवार शाम जेडडीएफ सार्वजनिक टेलीविजन पर कहा, 'मुझे लगता है कि हम कुछ सालों तक प्रति वर्ष पांच लाख लोगों का इंतजाम कर सकते हैं।' सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स के नेता ने कहा, 'इस संबंध में अब मुझे कोई संदेह नहीं है।' जर्मनी के इस साल करीब 8,00,000 लोगों को शरण दिए जाने की संभावना है, यह संख्या 2014 के मुकाबले चार गुना है।
उन्होंने कहा कि यूरोप के अन्य देशों को भी पश्चिम एशिया और अफ्रीका से युद्ध और गरीबी के कारण भाग कर 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ का रुख कर रहे शरणार्थियों को अपने यहां जगह देनी चाहिए। उन्होंने कहा, हम प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख लोगों को देश में स्वीकार कर जर्मन समाज के साथ उनका समंजस्य नहीं बना सकेंगे।
गैब्रियल ने कहा, यूरोपीय संघ के सदस्यों में जर्मनी बड़े हिस्से को स्वीकार करता रहेगा क्योंकि 'हम मजबूत अर्थव्यवस्था हैं और इसमें कोई शक नहीं है।' लेकिन यूरोपीय संघ का महज कुछ देशों जैसे.. ऑस्ट्रिया, स्वीडन और जर्मनी पर निर्भर रहना अस्वीकार्य है, इस पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे यकीन है कि यूरोपीय नीतियों में कुछ बदलावों की जरूरत है।'
उप-प्रधानमंत्री ने सोमवार शाम जेडडीएफ सार्वजनिक टेलीविजन पर कहा, 'मुझे लगता है कि हम कुछ सालों तक प्रति वर्ष पांच लाख लोगों का इंतजाम कर सकते हैं।' सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स के नेता ने कहा, 'इस संबंध में अब मुझे कोई संदेह नहीं है।' जर्मनी के इस साल करीब 8,00,000 लोगों को शरण दिए जाने की संभावना है, यह संख्या 2014 के मुकाबले चार गुना है।
उन्होंने कहा कि यूरोप के अन्य देशों को भी पश्चिम एशिया और अफ्रीका से युद्ध और गरीबी के कारण भाग कर 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ का रुख कर रहे शरणार्थियों को अपने यहां जगह देनी चाहिए। उन्होंने कहा, हम प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख लोगों को देश में स्वीकार कर जर्मन समाज के साथ उनका समंजस्य नहीं बना सकेंगे।
गैब्रियल ने कहा, यूरोपीय संघ के सदस्यों में जर्मनी बड़े हिस्से को स्वीकार करता रहेगा क्योंकि 'हम मजबूत अर्थव्यवस्था हैं और इसमें कोई शक नहीं है।' लेकिन यूरोपीय संघ का महज कुछ देशों जैसे.. ऑस्ट्रिया, स्वीडन और जर्मनी पर निर्भर रहना अस्वीकार्य है, इस पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे यकीन है कि यूरोपीय नीतियों में कुछ बदलावों की जरूरत है।'