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पहलगाम के जिक्र से लेकर ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप तक... PM मोदी ने बताया- नॉर्वे से क्या-क्या हुई बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 मई 2026 को नॉर्वे के ऐतिहासिक दौरे पर हैं. ये पिछले 43 वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है.

पहलगाम के जिक्र से लेकर ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप तक... PM मोदी ने बताया- नॉर्वे से क्या-क्या हुई बातचीत
पीएम मोदी का नॉर्वे दौरा बहुत महत्वपूर्ण है.
  • भारत और नॉर्वे ने अपनी साझेदारी को ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है
  • दोनों देशों ने क्लीन एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग और क्लाइमेट रेजिलियंस में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई
  • इसरो और नॉर्वे स्पेस एजेंसी के बीच समझौते से दोनों देशों के अंतरिक्ष सहयोग को नया आयाम मिलेगा
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नार्वे में पीएम मोदी ने ज्वाइंट प्रेस मीट में दोनों देशों के संबंधों पर बात की. इसके साथ ही नये क्षेत्रों में हुई सहयोग की भी जानकारी दी. इसमें सबसे खास ये है कि भारत और नॉर्वे अब ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप बनने जा रहे हैं. इसमें क्लीन एनर्जी से लेकर क्लाइमेट रेजिलियंस, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग तक शामिल है.

पहलगाम का जिक्र क्यों  

पीएम मोदी ने कहा, 'नॉर्वे की यात्रा करके मुझे बहुत खुशी हो रही है. ये देश नेचर और ह्यूमन प्रोग्रेस के बीच हार्मनी का एक सुंदर उदाहरण है. सबसे पहले मैं नॉर्वे के प्रधानमंत्री का आत्मियता से स्वागत के लिए आभार व्यक्त करता हूं. कल नॉर्वे के संविधान दिवस के अवसर पर मैं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की ओर से नॉर्वे जैसे सुदृढ़ और जीवंत लोकतंत्र के लिए यहां की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. मैं पिछले वर्ष नॉर्वे आने वाला था, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण  वो यात्रा स्थगित करनी पड़ी. उस कठिन समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के साथ मजबूती से खड़े होकर सच्ची मित्रता का परिचय दिया. आज जब मैं नॉर्वे आया हूं तो मैं इस एकजुटता के लिए ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं.'

निवेश और जॉब की बात

प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज विश्व एक अस्थिरता और अनिश्चतता के दौर से गुजर रहा है. यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया. दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के एक नये स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं. पिछले वर्ष और भारत और यूरोपीयन फ्री ट्रेड एसोसिएशन का एक ऐतिहासिक ट्रेड और इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू किया. ये एग्रीमेंट भारत और नॉर्वे के बीच शेयर प्रोग्रेस और प्रॉस्पेरिटी सुनिश्चित करने का ब्लूप्रिंट है. इस एग्रीमेंट में अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन का निवेश  और 1 मिलियन जॉब क्रिएट करने का लक्ष्य है. आज हम दोनों ने इस एग्रीमेंट के प्रॉमिस को आउटकम्स में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.' 

इन क्षेत्रों में हुए समझौते

पीएम मोदी ने आगे बताया, 'आज हम भारत-नॉर्वे संबंधों को एक ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप का स्वरूप दे रहे हैं. इस स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप से क्लीन एनर्जी से लेकर क्लाइमेट रेजिलियंस, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग हर क्षेत्र में भारत की स्केल, स्पीड और टैंलेट को नॉर्वे की टेक्नोलॉजी और कैपिटल के साथ जोड़कर हमारी कंपनिज ग्लोबल साल्यूशंस डेवलप करेंगी.  रिसर्च, एजुकेशन और इनोवेशन भी हमारे संबंधों के मजबूत पिलर्स बने हैं. आज हमने सस्टेनेबिलिटी, ओसियन एनर्जी, जूलॉजी और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में रिसर्च कॉपरेशन बढ़ाने पर सहमति बनाई. इंजीनियरिंग, एआई, साइबर और डिजिटल जैसे सेक्टर में हम अपनी यूनिवर्सिटी और स्टार्ट-अप सिस्टम को जोड़कर अपने पार्टनरशिप को फ्यूचर रेडी बनाएंगे. स्किल डेवलपमेंट और टैलेंट मोबिलिटी में भी हमारा सहयोग और व्यापक होने जा रहा है. नॉर्वे आर्कटिक रीजन का एक बहुत महत्वपूर्ण देश है. आर्कटिक और पोलर रिसर्च में हमारा लंबे समय से सहयोग रहा है. भारत के आर्कटिक रिसर्च स्टेशन हिमाद्री के लिए हम नॉर्वे के आभारी हैं. इसरो और नॉर्वे स्पेस एजेंसी के बीच आज हो रहा MOU हमारे स्पेस कोऑपरेशन को भी नया आयाम देगा.'

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