- फिल एलवुड ने लीबिया के तानाशाह मुअम्मर अल-गद्दाफी और उनके बेटे के लिए पॉलिटिकल पीआर का काम किया था
- उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के एक सदस्य को मनाकर लीबिया के प्रति अमेरिका की नकारात्मक छवि बदलवाई थी
- एलवुड ने कतर को 2022 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी
दुनिया में कई तरह के गुनाह होते हैं. उस गुनाह को करने वाले से सब नफरत करने लग जाते हैं, मगर फिर कुछ ऐसा हो जाता है कि वही शख्स किसी अच्छे काम के लिए चर्चा में आ जाता है. ये काम पीआर मतलब पर्सनल रिलेशंस के लोग करते हैं. इनकी ताकत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि लीबिया के तानाशाह मुअम्मर अल-गद्दाफी भी पीआर रखता था. सीरिया का तानाशाह बशर अल-असद भी पीआर रखता था. इनके पीआर का काम देखने वाले फिल एलवुड की जिंदगी अपने आप में एक दिलचस्प कहानी है.
हवा में मिला सबसे बड़ा क्लाइंट
सबसे दिलचस्प बात तो यहीं से शुरू होती है कि अमेरिका के इन दोनों सबसे बड़े दुश्मनों का पीआर सुधारने वाले फिल एलवुड खुद अमेरिकी हैं. यही नहीं उन्होंने अपने पीआर के जरिए ही कतर में फीफा वर्ल्ड कप तक करवा दिया. कतर को ये मौका अमेरिका को हराकर मिला थी. सीएनएन से बातचीत में एलवुड ने बताया कि वो लास वेगास जाने वाले प्लेन में बैठे ही थे कि उनके इनबॉक्स में एक ईमेल आया. उसमें कुछ निर्देश थे. एलवुड ने बुलेट पॉइंट्स पर नजर डाली; उसमें कई तरह की मांगें लिखी थीं. उनके क्लाइंट चाहते थे कि उनकी गर्लफ्रेंड को LA से वेगास लाया जाए. वे सीजर्स पैलेस में शेर (Cher) का शो देखना चाहते थे. वे जुआ खेलना चाहते थे. उन्हें हार्ले डेविडसन और जींस शॉर्ट्स की शॉपिंग करनी थी. और ईमेल में सबसे ऊपर क्लाइंट का नाम लिखा था: मिस्टर गद्दाफी.
अगले कुछ दिनों तक, वे लीबिया के तानाशाह के बेटे के साथ वेगास में मौज-मस्ती और अय्याशी में शामिल रहे. कई बार उन्हें लगा कि कहीं इसमें उनकी जान न चली जाए. फिर वे थके-हारे और नींद भरी आंखों के साथ काम पर लौटते और किसी दूसरे तानाशाह की मदद करने में लग जाते. एलवुड का काम दुनिया के सबसे बुरे लोगों की छवि को अच्छा दिखाना था. वे हाल के इतिहास की कुछ सबसे क्रूर तानाशाही और सत्तावादी सरकारों के लिए पॉलिटिकल पीआर का काम करते थे. वे चुपचाप वॉशिंगटन डीसी में उनके हितों को आगे बढ़ाते थे और यह पक्का करते थे कि दुनिया उन्हें सबसे अच्छी नजर से देखे.
कैसा था गद्दाफी का बेटा
एलवुड ने CNN से कहा, “मैंने बुरे काम किए हैं. मुझे पक्का लगता है कि मैंने दुनिया को और ज्यादा खतरनाक जगह बनाने में मदद की. मेरे कुछ क्लाइंट्स तो बस बुरे ही थे. बुरे काम करने के लिए उन्हें कोई हद पार करने की जरूरत नहीं थी. वे शुरू से ही ऐसे थे. मुझे हद पार करनी पड़ी. मुझे अच्छी तरह पता था कि मैं जो कर रहा हूं, वह गलत है. और उस काम का आकर्षण बहुत जबरदस्त था.”

मुअम्मर गद्दाफी के छोटे बेटे मुतासिम गद्दाफी का धंसा हुआ चेहरा और डरावनी घूरन याद करके एलवुड कांप उठते हैं. वह कहते है कि ताकतवर नेता मुअम्मर गद्दाफी के दुबले-पतले बेटे में किसी बॉन्ड-फिल्म के विलेन जैसी खूबी थी. एलवुड कहते हैं, "मैंने उसके साथ जितना भी समय बिताया, उसमें मुझे उसमें अच्छाई का जरा भी अंश नहीं दिखा. वह बस एक कठोर और बेरहम इंसान था."
सितंबर 2009 में वेगास में एलवुड का काम गद्दाफ़ी के छोटे बेटे का नाम सुर्खियों से दूर रखना था. तब तक, वह कई महीनों से गद्दाफी परिवार के लिए काम कर रहे थे और वे उन पर भरोसा करते थे. इसके लिए उन्होंने एक अमेरिकी कांग्रेस सदस्य को ओबामा प्रशासन से यह कहने के लिए मना लिया था कि वे "लीबिया की बुराई करना बंद करें". ये नजरिया बदलना एक नामुमकिन काम लग रहा था. एलवुड ने कांग्रेस सदस्य को यह समझाने में कामयाबी हासिल की कि 'आतंक के खिलाफ जंग' में अमेरिका को लीबिया के समर्थन की जरूरत है, और फिर उस नेता का रुख 'पोलिटिको' को लीक कर दिया. इससे लीबिया को काफी मदद मिली.
कतर को 2022 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी
इसी तरह एलवुड को एक बहुत मुश्किल काम सौंपा गया. कतर को 2022 फीफा वर्ल्ड कप की मेज़बानी करने में मदद करना. उन्होंने CNN को बताया, "यह एक अजीब सा आइडिया था." कतर एक छोटा सा देश था, जिसका फ़ुटबॉल का इतिहास और इंफ़्रास्ट्रक्चर बहुत कम था, और वहां गर्मियों में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती थी. एलवुड मानते हैं, "हमें लगा था कि अमेरिका ही जीतेगा." अमेरिका की दावेदारी को बड़े संसाधनों और पहले से तैयार NFL स्टेडियमों का समर्थन हासिल था. एलवुड ने अपने बॉस – पीटर ब्राउन, जो 'बीटल्स' के करीबी लोगों में से एक थे और 'ब्राउन लॉयड जेम्स' के संस्थापक थे – से कहा कि यह काम नामुमकिन है. एलवुड याद करते हैं, "उन्होंने कहा, 'मैंने कह दिया है, अब तुम इसे सच करके दिखाओ.'" उस दोपहर एक बार में बैठे हुए, जब उन्हें कोई आइडिया नहीं सूझ रहा था, तो उन्होंने सड़क की ओर देखा. "स्कूल के बच्चों का एक ग्रुप वहां से गुजरा, और वे सभी बहुत ज्यादा मोटे थे. और मैंने सोचा: यही तो मेरा जवाब है."
"हेल्दी किड्स कोएलिशन" के प्रतिनिधि के तौर पर, एलवुड ने एक नैपकिन पर कांग्रेस के लिए एक प्रस्ताव लिखा. इसमें अमेरिका से अपील की गई थी कि जब तक वह जमीनी स्तर पर शारीरिक शिक्षा (PE) के लिए पूरी फंडिंग नहीं कर देता, तब तक वह किसी भी बड़े खेल आयोजन की मेजबानी न करे. उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के लिए डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि कैरोलिन चीक्स किल्पैट्रिक को राजी किया. फिर, उनके मुताबिक, उन्होंने किल्पैट्रिक के ड्राफ्ट प्रस्ताव को 'पोलिटिको' के एक ऐसे पत्रकार को लीक कर दिया जिसे सॉकर बहुत पसंद था. यह खबर 2010 के आखिर में "वर्ल्ड कप बनाम जिम क्लास?" हेडलाइन के साथ छपी, जिससे अमेरिका की दावेदारी कमजोर पड़ गई और कतर को मेजबानी को मौका मिल गया.
बशर अल असद की पत्नी की कवर फोटो
2011 में, एलवुड ने एक ऐसी कामयाबी हासिल की जिसे वे "अब तक की सबसे कम समय तक चलने वाली PR जीत" कहते हैं. सीरिया की फ़र्स्ट लेडी अस्मा अल-असद का 'वोग' (Vogue) मैगजीन में एक बहुत तारीफ भरा प्रोफाइल छपवाना, और यह सब देश में गृहयुद्ध शुरू होने से कुछ ही दिन पहले हुआ. उस चर्चित लेख की हेडलाइन में अस्मा अल-असद को "रेगिस्तान का गुलाब" कहा गया था. इसमें सीरिया को "बमबारी, अशांति या अपहरण से मुक्त जगह" और अल-असद को "ग्लैमरस, युवा और बहुत स्टाइलिश – सबसे नई और सबसे आकर्षक फर्स्ट लेडी" बताया गया था.

उसी हफ्ते के आखिर में, अरब स्प्रिंग सीरिया पहुंच गया. लीबिया में जहां मुअम्मर गद्दाफी और उनके बेटे मुतासिम को कुछ ही महीनों में विद्रोहियों ने पकड़कर मार डाला था, वहीं सीरिया में असद सरकार ने सालों तक सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखी और इस दौरान प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से कुचल दिया. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दस सालों में 3,00,000 से ज़्यादा आम नागरिक मारे गए. 'वोग' (Vogue) ने अपनी वेबसाइट से वह स्टोरी हटा ली. 2024 में असद को सत्ता से हटा दिया गया और वह अपनी पत्नी के साथ रूस भाग गए.
अब एलवुड कहते हैं कि वो बदल गए हैं. मगर अब उनकी जिंदगी पहले जैसी नहीं रही. उन्हें खुद के किए पर पश्चाताप भी होता है. वो बहुत ज्यादा शराब पीने लगे हैं. उन्होंने खुदकुशी की भी कोशिश की. उनपर एफबीआई की जांच भी बैठी पर कोई केस नहीं हुआ. इस वजह से वाशिंगटन डीसी में अब लोग उनसे ज्यादा मेलजोल नहीं रखते. उनके बड़े क्लाइंट्स भी अब नहीं रहे. इस तरह से उनका काम भी बंद हो गया है.
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