कराची:
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक हवाईअड्डे पर हमला कर दो इंजीनियरों को मार डाला तथा वहां की रडार प्रणाली भी नष्ट कर दी।
मोटरसाइकिल से आए करीब 12 आतंकवादियों ने ग्वादर जिले में जिवानी हवाईअड्डे पर तड़के हमला बोल दिया। यह इलाका पाकिस्तान का उभरता हुआ बंदरगाह शहर है, जहां चीन ने भारी निवेश किया है।
पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर खलीलुल्लाह को मार डाला, जबकि एक अन्य को घायल कर दिया। उन्होंने एक तीसरे इंजीनियर महमूद नियाजी को अगवा कर लिया। आतंकवादियों ने रडार प्रणाली नष्ट कर दी। यह हवाई अड्डा पिछले 20 सालों से उपयोग में नहीं था।
ग्वादर के उपायुक्त अब्दुल हमीद अब्रो ने बताया कि इस हमले के कुछ घंटे बाद नियाजी का शव मिला। उन्होंने कहा, 'उन्होंने चार स्थानीय लोगों को बख्श दिया जो उस समय हवाई अड्डे पर थे। इससे यह संकेत गया कि यह आतंकवादियों का हमला था।' यह हवाई अड्डा रणनीतिक रूप से पाकिस्तान-ईरान तटीय सीमा के समीप है।
पुलिस अधिकारियों ने माना कि हवाई अड्डे पर जब हमला हुआ तब बहुत कम सुरक्षा थी और इस घटना के बाद प्रशासन अचंभे में है। एक अधिकारी ने कहा कि यही वजह है कि हमलावरों को किसी विरोध का सामना नहीं करना पड़ा और वे हमले के बाद बाइक से फरार हो गए।
इस बीच बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री अब्दुल मलिक बलूच ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा, 'हमले के जिम्मेदार लोगों का ढूंढा जाएगा और दंडित किया जाएगा।' किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। संदेह है कि बलूच राष्ट्रवादियों का हाथ हो सकता है जो प्रांत में सुरक्षाबलों एवं प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते रहते हैं।
मोटरसाइकिल से आए करीब 12 आतंकवादियों ने ग्वादर जिले में जिवानी हवाईअड्डे पर तड़के हमला बोल दिया। यह इलाका पाकिस्तान का उभरता हुआ बंदरगाह शहर है, जहां चीन ने भारी निवेश किया है।
पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर खलीलुल्लाह को मार डाला, जबकि एक अन्य को घायल कर दिया। उन्होंने एक तीसरे इंजीनियर महमूद नियाजी को अगवा कर लिया। आतंकवादियों ने रडार प्रणाली नष्ट कर दी। यह हवाई अड्डा पिछले 20 सालों से उपयोग में नहीं था।
ग्वादर के उपायुक्त अब्दुल हमीद अब्रो ने बताया कि इस हमले के कुछ घंटे बाद नियाजी का शव मिला। उन्होंने कहा, 'उन्होंने चार स्थानीय लोगों को बख्श दिया जो उस समय हवाई अड्डे पर थे। इससे यह संकेत गया कि यह आतंकवादियों का हमला था।' यह हवाई अड्डा रणनीतिक रूप से पाकिस्तान-ईरान तटीय सीमा के समीप है।
पुलिस अधिकारियों ने माना कि हवाई अड्डे पर जब हमला हुआ तब बहुत कम सुरक्षा थी और इस घटना के बाद प्रशासन अचंभे में है। एक अधिकारी ने कहा कि यही वजह है कि हमलावरों को किसी विरोध का सामना नहीं करना पड़ा और वे हमले के बाद बाइक से फरार हो गए।
इस बीच बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री अब्दुल मलिक बलूच ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा, 'हमले के जिम्मेदार लोगों का ढूंढा जाएगा और दंडित किया जाएगा।' किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। संदेह है कि बलूच राष्ट्रवादियों का हाथ हो सकता है जो प्रांत में सुरक्षाबलों एवं प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते रहते हैं।
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