तुर्की और सीरिया में 15,000 से ज़्यादा जानें लील लेने वाले भीषण भूकंप के चलते पूरी की पूरी बस्तियां खंडहर हो गई हैं, और बड़े-बड़े शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं. सैटेलाइट से हासिल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दक्षिणी हिस्से के अन्ताक्या और काहरामनमारस सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं, जहां ढेरों ऊंची-ऊंची इमारतें ज़मीन्दोज़ हो गईं.

काहरामनमारस के एक स्टेडियम में बनाए गए एमरजेंसी शेल्टर तथा ढही इमारतें... हाई रिसॉल्यूशन तस्वीर देखने के लिए यहां क्लिक करें...
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज
सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी दिखाई देता है कि खुले इलाकों और स्टेडियमों में सैकड़ों एमरजेंसी शेल्टर बनाए गए हैं, ताकि राहत कार्यों में तेज़ी आ सके.
तुर्की के लगभग 20 लाख की आबादी वाले ग़ाज़ियानटेप शहर में सोमवार को पहला भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 थी, और उसके बाद 7.5 तीव्रता वाला एक औ भूकंप और कई छोटे-छोटे भूकंप महसूस किए गए. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ डेनमार्क एंड ग्रीनलैंड के मुताबिक, भूकंप के झटके ग्रीनलैंड तक भी महसूस किए गए.

अन्ताक्या सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं, जहां ढेरों ऊंची-ऊंची इमारतें ज़मीन्दोज़ हो गईं... हाई रिसॉल्यूशन तस्वीर देखने के लिए यहां क्लिक करें...
सबसे ज़्यादा तबाही काहरामनमारस और ग़ाज़ियानटेप के बीच मौजूद पट्टी पर हुई, और यहां समूची बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं. तुर्की के मुताबिक, सात प्रांतों में लगभग 3,000 से ज़्यादा इमारतें ढह गई हैं, जिनमें सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं. 13वीं सदी की एक ऐतिहासिक मस्जिद भी आंशिक रूप से ढह गई है.

तुर्की के उस्मानिये शहर में एमरजेंसी टेन्ट स्थापित किए गए हैं... हाई रिसॉल्यूशन तस्वीर देखने के लिए यहां क्लिक करें...
भूकंप में मरने वालों की तादाद 15,383 तक पहुंच गई है, जिनमें 12,391 लोगों की जान तुर्की में गई है, जबकि युद्ध की विभीषिका झेल चुके सीरिया में 2,992 लोगों की मौत हुई है. मरने वालों की तादाद बढ़ने की आशंका है, क्योंकि राहत कार्य अब तक जारी हैं.

तुर्की के काहरामनमारस शहर की भीड़ भरी सड़कें और एमरजेंसी शेल्टर... हाई रिसॉल्यूशन तस्वीर देखने के लिए यहां क्लिक करें...
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization या WHO) के मुताबिक, इस भूकंप के चलते दो करोड़ 30 लाख लोगों के प्रभावित होने की आशंका है. WHO ने यह भी बताया कि प्रभावित इलाकों में 77 राष्ट्रीय तथा 13 अंतरराष्ट्रीय एमरजेंसी मेडिकल टीमें तैनात की जा रही हैं.
भारत ने भी तुर्की तथा सीरिया में कई टन राहत सामग्री भेजी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं