वाशिंगटन:
मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप से शिकागो की एक अदालत द्वारा बरी तहव्वुर राणा को 26/11 हमलों के बारे में पहले से जानकारी थी और वह इसके अंदरूनी जानकारों में था। अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, आसन्न हमलों के बारे में उसे लश्कर-ए-तय्यबा के पाशा ने दुबई में एक बैठक के दौरान जानकारी दी। सहायक अटॉर्नी विक्टोरिया पीटर्स ने शिकागो की अदालत में राणा की सुनवाई से पहले न्यायधीशों को एक बंद कमरे में सुनवाई के दौरान बताया, मुंबई शहर पर हमला राणा के लिए अनपेक्षित नहीं था। उसे हमलों के बारे में जानकारी थी। वह पहले से ही इस बारे में जानता था। पीटर्स ने कहा, हमलों के बारे में उसे डेविड हेडली ने बताया था और वह इसलिए भी इस बारे में जानता था क्योंकि दुबई में पाशा ने उसे जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि 2008 की गर्मियों में राणा को उसके बचपन के दोस्त हेडली ने हमले की पूरी साजिश के बारे में बताया था। हेडली ने मुंबई हमलों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा, वह जानता था कि लश्कर लड़ाके मुंबई पर हमले की योजना को अंतिम रूप दे रहे हैं। सहायक अटॉर्नी ने बताया, राणा को हेडली ने हमलों के बारे में बताया था लेकिन पाशा ने भी उसे इस बाबत जानकारी दी थी। हेडली ने पाशा से कहा था कि वह अमेरिका वापस लौटते हुए राणा को मुंबई में नहीं रूकने के कहे। दुबई में पाशा ने वही किया। उसने राणा को इस बारे में चेताया। आप राणा के दिए बयानों से ही जानते हैं कि उसे मुंबई हमलों के बारे में पहले से जानकारी थी। पीटर्स ने इस सिलसिले में राणा और हेडली के बीच हुई बातचीत का लिखित ब्यौरा अदालत में पेश किया। ब्यौरा के मुताबिक, हेडली ने पूछा, क्या पाशा ने ऐसा नहीं कहा? राणा : हां हेडली : उसने इसका जिक्र कब किया राणा : क्या, हेडली :पाशा ने बताया था कि दुबई में इस प्रकार.. और राणा ने कहा, और उसने मुझे भी ऐसा कहा अमेरिकी अटॉर्नी ने बताया कि पाशा ने राणा को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, ज्यूरी के सदस्यों, हेडली और राणा के बीच यह बातचीत अहम है। इससे मालूम चलता है कि पाशा ने उसे चेताया था कि हमलें आसन्न हैं? उन्होंने कहा, यह बातचीत बताती है कि पाशा को मालूम था कि राणा अंदरूनी जानकारों में था। पाशा राणा पर भरोसा कर सकता था। पाशा को मालूम है कि राणा को जानकारी है। क्या हो अगर राणा अंदरूनी जानकारों में नहीं था? क्या हो अगर राणा को बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि मुंबई पर हमला होने जा रहा है? सहायक अटॉर्नी ने कहा, इस बारे में सोचिए। क्या आप उम्मीद नहीं करते कि अगर उसे जानकारी थी कि हमले आसन्न हैं, क्या आप उससे उम्मीद नहीं करते जब हमले हुए और मुंबई को जब इन सशस्त्र हमालवरों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा तो वह एफबीआई, पुलिस या किसी अन्य के पास जाता और कहता, देखिए, पाशा नाम का एक व्यक्ति है जिससे मैं दुबई में मिला और उसने हमलों के पहले मुझे जानकारी दी कि मैं मुंबई नहीं जाऊं। उन्होंने कहा, अगर राणा उसी दल का सदस्य नहीं था तो पाशा ने उसे जानकारी क्यों दी? पाशा को राणा पर विश्वास था। वह जानता है कि राणा हेडली का विश्वसनीय दोस्त है, इसलिए इसमें कोई जोखिम नहीं है। यह चेतावनी देने में कोई जोखिम नहीं है।
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