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देखते हैं आगे क्या... मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर ऐसा था ट्रंप का रिएक्शन

Iran News Supreme Leader: मोज्तबा को सुप्रीम लीडर चुने जाने के आधिकारिक ऐलान से पहले ट्रंप ने इस पोस्ट की चयन प्रक्रिया में भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी. उन्होंने एबीसी न्यूज से बातचीत में सुझाव दिया था कि किसी भी नए ईरानी नेता का कार्यकाल अमेरिकी मान्यता पर निर्भर करता है. अगर हमसे स्वीकृति नहीं मिली तो वह लंबे समय तक नहीं टिकेगा.

देखते हैं आगे क्या... मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर ऐसा था ट्रंप का रिएक्शन
ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर ट्रंप का रिएक्शन.
  • अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोज्तबा खामेनेई की नियुक्ति पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की
  • ट्रंप ने पहले मोज्तबा को कमजोर और अस्वीकार्य उम्मीदवार बताया था और उनकी लंबी अवधि की संभावना पर संदेह जताया था
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अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि नया सप्रीम लीडर कौन होगा. लेकिन अब यह इंतजार खत्म हो चुका है. अयातुल्लाह के बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है. इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या रुख है, जानिए.

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मुजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर कोई ऑफिशियल टिप्पणी नहीं की है. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि देखते हैं, आगे क्या होता है. ट्रंप ने टाइम्स ऑफ इज़रायल से बातचीत में मोज्तबा के चयन पर ट्रंप ने ज्यादाकुछ कहने से इनकार कर दिया. हालांकि उन्होंने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि खामेनेई के बेटे मुजतबा एक कमजोर और अस्वीकार्य उम्मीदवार हैं.

ट्रंप ने कहा था- लंबे समय तक नहीं टिकेगा

मुजतबा को सुप्रीम लीडर चुने जाने के आधिकारिक ऐलान से पहले ट्रंप ने इस पोस्ट की चयन प्रक्रिया में भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी. उन्होंने एबीसी न्यूज से बातचीत में सुझाव दिया था कि किसी भी नए ईरानी नेता का कार्यकाल अमेरिकी मान्यता पर निर्भर करता है. अगर हमसे स्वीकृति नहीं मिली तो वह लंबे समय तक नहीं टिकेगा.

बता दें कि 56 साल के खामेनेई को ईरान की 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश के नए सुप्रीम लीडर के लिए नामित किया था. मोज्तबा को ऐसे समय में ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है, जब क्षेत्र में तनाव का माहौल है. मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी हुई है. अमेरिका-इजरायल के हमले में अयातुल्लाह खामेनेई के मारे जाने की वजह से ईरान में नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की नौबत आई है. 

मोज्तबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर

ट्रंप की चेतावनी और मिडिल ईस्ट में टेंशन के बावजूद भी एक्सपर्ट्स की सभा अपने रुख पर डटी रही. धार्मिक निकाय ने कहा कि उसने अपने फैसले को अंतिम रूप देने में एक मिनट का भी संकोच नहीं हुआ. मोज्तबा ईरान की सिक्योरिटी फोर्स में असर रखने वाली शख्सियत हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि वे अपने पिता अयातुल्लाह खामेनेई के नेतृत्व में बड़े बिजनेस नेटवर्क का संचालन करते थे. उन्हें रविवार को होने वाले वोट से पहले विशेषज्ञों की असेंबली ने सबसे आगे माना था. बता दें, असेंबली 88 मौलवियों की एक बॉडी है जिसे अली खामेनेई का वारिस चुनने का काम सौंपा गया.

असेंबली की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "विशेषज्ञों की असेंबली ने एक अहम वोट से अयातुल्लाह सैय्यद मोज्तबा हुसैनी खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा नेता नियुक्त किया है." इस पद से मोज्तबा को इस्लामिक रिपब्लिक में देश के सभी मामलों में आखिरी फैसला लेने का हक मिल गया है. 56 साल के मोज्तबा खामेनेई को लंबे समय से देश के राजनीतिक और धार्मिक संगठन में एक ताकतवर व्यक्ति माना जाता है. हालांकि, वे कभी किसी चुने हुए पद पर नहीं रहे या लीडरशिप के लिए सार्वजनिक रूप से प्रचार नहीं किया.


 

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