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ट्रंप की जिनपिंग से हो गई डील! वेनेजुएला के बदले दे दिया ताइवान का तोहफा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है, "मेरी अपनी नैतिकता. मेरा अपना दिमाग. यही एकमात्र चीज है जो मुझे रोक सकती है. मुझे अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं है."

ट्रंप की जिनपिंग से हो गई डील! वेनेजुएला के बदले दे दिया ताइवान का तोहफा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उनके लिए कोई अंतरराष्ट्रीय कानून मायने नहीं रखता है. न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनके लिए अपनी समय, अपनी नैतिकता ज्यादा अहमियत रखती है. उन्होंने स्वामित्व पर जोर देते हुए नाटो और ग्रीनलैंड के बारे में बात की, साथ ही यह भी संकेत दिया कि उनके वेनेजुएला हमले के बाद अगर चीन ताइवान के खिलाफ कोई कदम उठाते हैं तो शायद अमेरिका कुछ भी न करे.

अंतरराष्ट्रीय कानून मायने नहीं रखता- ट्रंप

न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी वैश्विक शक्ति (ग्लोबल पावर) की कोई सीमा है, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि केवल उनका दिमाग ही उन्हें रोक सकता है. उन्होंने कहा, "हां, एक चीज है. मेरी अपनी नैतिकता. मेरा अपना दिमाग. यही एकमात्र चीज है जो मुझे रोक सकती है. मुझे अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं है." उन्होंने जोर देते हुए कहा, "मैं लोगों को चोट पहुंचाना नहीं चाहता."

जब इस बारे में आगे पूछा गया कि क्या उनकी सरकार को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की आवश्यकता है, तो ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा, "मैं करता हूं." 

ताइवान को अपने हाल पर छोड़ेगा अमेरिका?

वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद सवाल उठ रहे हैं कि अगर चीन अब ताइवान पर हमला कर दे तो क्या ट्रंप कुछ बोल पाने की स्थिति में होंगे. इंटरव्यू में जब चीन और ताइवान के मुद्दे पर जब ट्रंप से पूछा गया कि शी जिनपिंग ताइवान को चीन के लिए अलगाववादी खतरा मानते हैं, तो ट्रंप ने कहा, "यह उन पर निर्भर है कि वह क्या करने जा रहे हैं. लेकिन, आप जानते हैं, मैंने उनसे कहा है कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो मैं बहुत दुखी होऊंगा और मुझे नहीं लगता कि वह ऐसा करेंगे. मुझे उम्मीद है कि वह ऐसा नहीं करेंगे."

चीन और ताइवान के बीच हालिया घटनाक्रम और ताइवान का गला घोंटने की धमकी पर ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति उनके पद पर रहते हुए ऐसे कदम नहीं उठाएंगे. ट्रंप ने कहा, "हमारे पास एक अलग राष्ट्रपति होने के बाद वह ऐसा कर सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह मेरे राष्ट्रपति रहते हुए ऐसा करने जा रहे हैं."

ग्रीनलैंड और नाटो

ट्रंप से यह पूछा गया कि उनके लिए ज्यादा अहम क्या है- ग्रीनलैंड को पाना या फिर यूरोपीय देशों के सैन्य संगठन, नाटो को बचाए रखना. इस सवाल पर ट्रंप ने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया, लेकिन स्वीकार किया कि "यह एक विकल्प हो सकता है." उन्होंने कहा, "स्वामित्व बहुत महत्वपूर्ण है." ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जरूरत क्यों है, तो ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा, "क्योंकि मुझे लगता है कि सफलता के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से इसकी आवश्यकता है. मुझे लगता है कि स्वामित्व आपको एक ऐसी चीज़ देता है जिसके साथ आप नहीं कर सकते, आप पट्टे या संधि के बारे में बात कर रहे हैं. स्वामित्व आपको ऐसी चीज़ें और तत्व देता है जो आप केवल एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से प्राप्त नहीं कर सकते."

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि यूरोपीय नेताओं को ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति ट्रंप को गंभीरता से लेना चाहिए.

यूरोप के बारे में बोलते हुए, इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि हम हमेशा यूरोप के साथ रहेंगे, लेकिन मैं चाहता हूं कि वे आकार लें. मैं ही हूं जिसने उन्हें नाटो पर अधिक जीडीपी पर अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित किया. लेकिन अगर आप नाटो, रूस को देखते हैं, तो मैं आपको बता सकता हूं कि हमारे अलावा किसी अन्य को कोई चिंता नहीं है. मैं यूरोप के प्रति बहुत वफादार रहा हूं. मैंने अच्छा काम किया है. अगर मैं नहीं होता, तो रूस के पास अभी पूरा यूक्रेन होता."

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