- डोनाल्ड ट्रंप खुद को नेपोलियन, हिटलर और चंगेज खान जैसे इतिहास के चर्चित शासकों से भी ज्यादा ताकतवर मानते हैं
- डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात एक डॉक्यूमेंट के आधार पर पत्रकारों को दिए इंटरव्यू में कही थी
- पत्रकारों की यह किताब अब छप चुकी है जिसमें इस किस्से का जिक्र है
क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताकत नेपोलियन, हिटलर से लेकर चंगेज खान जैसे इतिहास के चर्चित शासकों से भी ज्यादा है. कम से कम ट्रंप खुद तो ऐसा ही मानते हैं. जब ईरान जंग के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या ट्रंप को अपने पावर की लिमिट का एहसास हो गया है, ट्रंप खुद कह रहे हैं कि ऐसा नही है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि ईरान के साथ तीन महीने तक चले युद्ध ने उन्हें कोई नया सबक नहीं सिखाया है.
ट्रंप खुद को मानते हैं चंगेज खान, नेपोलियन, हिटलर से भी ज्यादा ताकतवर
न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की नई किताब आई है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार मार्च में, जब ट्रंप ने दोनों को इस किताब के लिए इंटरव्यू दिया था, तब उन्हें एक डॉक्यूमेंट दिखाया था. उस डॉक्यूमेंट में दावा किया गया था कि ट्रंप इतिहास के कुछ सबसे डरावने और ताकतवर नेताओं से भी अधिक शक्तिशाली हैं. इन नेताओं में अत्तिला द हुन, चंगेज खान, नेपोलियन, जोसेफ स्टालिन, माओ त्से तुंग और एडोल्फ हिटलर के नाम शामिल थे.
इस डॉक्यूमेंट में लिखा था कि बाकी सभी नेता "अपने समय में चाहे जितने भी डरावने रहे हों, उनकी पहुंच पूरी दुनिया तक नहीं थी. उनकी शक्ति स्थानीय थी, लेकिन ट्रंप की शक्ति ऐसी नहीं थी." हैबरमैन और स्वान के अनुसार, ट्रंप ने उन्हें वह डॉक्यूमेंट गर्व से दिखाया और इतिहास के कई शक्तिशाली नेताओं के नाम गिनाते हुए बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में उनकी शक्ति उन सबसे आगे है.
किताब जब स्वान और हैबरमैन ने उस डॉक्यूमेंट के लेखक को ढूंढने की कोशिश की, तो पता चला कि वह कोई इतिहासकार नहीं था. असल में वह गैरी प्लेयर का लंबे समय से साथ रहने वाला कैडी (गोल्फ सहायक) और करीबी था. उस कैडी ने हैबरमैन और स्वान को बताया कि उसने सबसे पहले ट्रंप की शक्ति को लेकर अपना आकलन गैरी प्लेयर के साथ शेयर किया था. बाद में उसने फ्लोरिडा में गोल्फ खेलते समय सीधे ट्रंप को भी यही बात बताई थी.
मुझे ईरान जंग ने कोई सबक नहीं सिखाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी शक्ति इस्तेमाल करने की क्षमता की कोई सीमा नहीं है. अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस ने जब उनसे पूछा गया कि क्या इस युद्ध ने उन्हें उनकी शक्ति की सीमाओं के बारे में कुछ सिखाया, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "मैंने अभी तक वह सबक नहीं सीखा है. मुझे पता है कि सीमाएं होती हैं, लेकिन कोई सीमा नहीं है."
ट्रंप ने फिर दोहराया कि ईरान की सेना को अमेरिका ने हरा दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) संभवतः "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की ओर इशारा करता है. उन्होंने एक्सियोस से कहा, "मेरे अलावा ऐसा नाकाबंदी अभियान कौन चला सकता था? मैंने समुद्री नाकाबंदी की थी, जिसमें एक भी जहाज अंदर नहीं जा सका. कुछ जहाजों ने कोशिश की थी, लेकिन वह ज्यादा देर नहीं चली."
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