बीजिंग:
चीन के नए नेता शी चिनफिंग ने कहा कि उनका देश प्रभुत्व या विस्तारवाद नहीं चाहेगा और वह ‘शांतिपूर्ण विकास’ के रास्ते पर चलेगा।
हाल ही में पार्टी महाअधिवेशन में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केन्द्रीय समिति के महासचिव चुने गए शी ने अपने चुनाव के बाद से विदेशी मेहमानों से मुलाकात कर जोर दिया है कि उनका देश शांतिपूर्ण विकास चाहता है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने चीन में कार्यरत विदेशी विशेषज्ञों के एक समूह से कहा, ‘चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चल रहा है।’ उन्होंने कहा कि चीन की प्रगति स्वार्थी किस्म की नहीं है कि यह अन्य देशों के लिए नुकसानदेह हो।
शी ने चीन की विदेश नीति की व्याख्या करते हुए कहा, ‘चीन का विकास कभी किसी अन्य देश या दुनिया के लिए कोई चुनौती या खतरा होगा।’ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के केन्द्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे शी ने कहा, ‘चीन कभी प्रभुत्व या विस्तारवाद नहीं चाहेगा।’
शी ने कहा, चीन जितना विकसित होगा, उतना ही विश्व की शांति और विकास के लिए अनुकूल होगा। उन्होंने कहा कि चीन विश्व में सभी पक्षों के बीच फायदे पर आधारित सहयोग का न सिर्फ एक सक्रिय समर्थक है, बल्कि उसे अमल में भी लाता है।
चीन के नए नेता ने कहा कि उनका देश सभी अन्य देशों के साथ परिणामोन्मुखी सहयोग के प्रति वचनबद्ध है और जितना उससे संभव है, वह अन्य विकासशील देशों को सहयोग प्रदान कर रहा है।
शी ने कहा कि दुनिया एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय बन गई है, जिसमें हर किसी की साझी नियति है और कोई देश दूसरों के बगैर आगे नहीं बढ़ सकता है। इसलिए सभी देशों को मिलजुलकर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने सभी लोगों के साझे हितों की रक्षा के लिए ज्यादा बराबरी वाली और संतुलित वैश्विक साझेदारी की स्थापना का आह्वान किया।
हाल ही में पार्टी महाअधिवेशन में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केन्द्रीय समिति के महासचिव चुने गए शी ने अपने चुनाव के बाद से विदेशी मेहमानों से मुलाकात कर जोर दिया है कि उनका देश शांतिपूर्ण विकास चाहता है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने चीन में कार्यरत विदेशी विशेषज्ञों के एक समूह से कहा, ‘चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चल रहा है।’ उन्होंने कहा कि चीन की प्रगति स्वार्थी किस्म की नहीं है कि यह अन्य देशों के लिए नुकसानदेह हो।
शी ने चीन की विदेश नीति की व्याख्या करते हुए कहा, ‘चीन का विकास कभी किसी अन्य देश या दुनिया के लिए कोई चुनौती या खतरा होगा।’ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के केन्द्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे शी ने कहा, ‘चीन कभी प्रभुत्व या विस्तारवाद नहीं चाहेगा।’
शी ने कहा, चीन जितना विकसित होगा, उतना ही विश्व की शांति और विकास के लिए अनुकूल होगा। उन्होंने कहा कि चीन विश्व में सभी पक्षों के बीच फायदे पर आधारित सहयोग का न सिर्फ एक सक्रिय समर्थक है, बल्कि उसे अमल में भी लाता है।
चीन के नए नेता ने कहा कि उनका देश सभी अन्य देशों के साथ परिणामोन्मुखी सहयोग के प्रति वचनबद्ध है और जितना उससे संभव है, वह अन्य विकासशील देशों को सहयोग प्रदान कर रहा है।
शी ने कहा कि दुनिया एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय बन गई है, जिसमें हर किसी की साझी नियति है और कोई देश दूसरों के बगैर आगे नहीं बढ़ सकता है। इसलिए सभी देशों को मिलजुलकर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने सभी लोगों के साझे हितों की रक्षा के लिए ज्यादा बराबरी वाली और संतुलित वैश्विक साझेदारी की स्थापना का आह्वान किया।
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