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चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को फांसी की सजा, दोनों शी जिनपिंग के साथ करते थे काम

चीन दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी देता है. दावा किया जाता है कि 2002 में 12,000, 2007 में 6,500, 2013-2014 में 2,400 प्रति साल लोगों को फांसी दी गई. 2009-2010 में दुनिया भर की कुल फांसी का 58-65% अकेले चीन में दिया गया.

चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को फांसी की सजा, दोनों शी जिनपिंग के साथ करते थे काम
चीन के दोनों पूर्व रक्षामंत्री.
  • चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वी फेंघे और ली शांगफू को दो साल की मोहलत के साथ मौत की सजा मिली
  • दोनों को आजीवन राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना और उनकी सभी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया गया है
  • दो साल की मोहलत के बाद उनकी सजा आजीवन कारावास में बदली जाएगी, जिसमें कोई पैरोल या छूट नहीं होगी
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चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों वी फेंघे और ली शांगफू को बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के आरोपों में दो साल की राहत के साथ मौत की सजा सुनाई गई. फेंघे और उनके बाद रक्षा मंत्री बने शांगफू को 2024 में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. दोनों ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तहत काम किया था. वी फेंघे जहां 2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री रहे, वहीं शांगफू ने उनके उत्तराधिकारी के रूप में कुछ ही महीने यह प्रभार संभाला. चीन के एयरोस्पेस इंजीनियर फेंघे ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी की अति महत्वपूर्ण रॉकेट (मिसाइल) फोर्स का नेतृत्व किया था. उन्हें रक्षा मंत्री पद के लिए शी चिनफिंग ने खुद चुना था.

क्यों दी गई सजा

शिन्हुआ के अनुसार, भ्रष्टाचार के आरोपों में दोनों को सजा दी गई है. शिन्हुआ की तरफ से गुरुवार दोपहर को जारी दो पैराग्राफ के एक बयान के अनुसार, एक सैन्य अदालत ने वेई को रिश्वत लेने का दोषी पाया, जबकि ली को रिश्वत लेने और देने दोनों का दोषी माना गया. बयान में कहा गया है कि दोनों व्यक्तियों को दो साल की मोहलत के साथ मौत की सजा, आजीवन राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना और उनकी सभी निजी संपत्ति जब्त करना जैसे दंड दिए गए हैं. बयान में आगे कहा गया है कि दो साल की मोहलत अवधि समाप्त होने के बाद, उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा, जिसमें किसी भी प्रकार की छूट या पैरोल की संभावना नहीं होगी.

"विश्वासघाती बताया गया"

कठोर शब्दों में लिखे गए अभियोग के अनुसार, शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के दौरान पद से हटाए गए शीर्ष चीनी जनरलों में वेई एकमात्र ऐसे जनरल थे. जिन्हें "झोंगचेंग शी जी" या "विश्वासघाती और पवित्रता खोने वाला" बताया गया, जो पार्टी के साथ विश्वासघात करने या किसी शत्रुतापूर्ण शक्ति द्वारा प्रभावित होने का एक नरम शब्द है. 2024 में जारी अभियोग में कहा गया, "उनका विश्वास टूट गया है और उन्होंने अपनी पवित्रता खो दी है." उन पर पार्टी द्वारा उन पर रखे गए भरोसे पर खरा न उतरने का आरोप लगाया गया था, और कहा गया था कि उनके कार्यों ने "सशस्त्र बलों के राजनीतिक वातावरण को गंभीर रूप से दूषित किया है, जिससे पार्टी के उद्देश्य, राष्ट्रीय रक्षा और सैन्य विकास, और वरिष्ठ नेतृत्व करने वाले अधिकारियों की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया है."

चीन दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी देता है. दावा किया जाता है कि 2002 में 12,000, 2007 में 6,500, 2013-2014 में 2,400 प्रति साल लोगों को फांसी दी गई. 2009-2010 में दुनिया भर की कुल फांसी का 58-65% अकेले चीन में दिया गया. 2014-2016 में मीडिया में 931 फांसी की खबर आई, लेकिन सरकारी डेटाबेस में सिर्फ 85 केस मिले. सरकारी कर्मचारियों की अलग से संख्या कभी जारी नहीं की गई.

अब तक कंफर्म इतने लोगों को फांसी

इससे पहले इसी साल 5 अप्रैल को चीन ने को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में 2010 में मौत की सजा पाए एक फ्रांसीसी नागरिक को फांसी दिए जाने की पुष्टि की थी. 2 फरवरी 2026 को चीन की एक अदालत ने बताया कि म्यांमार स्थित स्केम सिंडिकेट के चार प्रमुख सदस्यों को फांसी दी गई है.
29 जनवरी 2026 को चीन ने म्यांमार में कुख्यात ऑनलाइन स्कैम सेंटर्स से जुड़े 11 लोगों को फांसी दे दी है. इसके साथ ही अन्य 23 संदिग्धों को पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई गई.

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