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अमेरिका में ‘चीन की गुप्त पुलिस चौकी’ का खुलासा! कोर्ट में साबित हुआ खुफिया एजेंट कैसे कर रहा था काम

China secret agent in US: चीन की सरकार ने इस मामले के आरोपों को “मनगढ़ंत” बताया है. चीन का कहना है कि यह उसके देश की छवि खराब करने की कोशिश है.

अमेरिका में ‘चीन की गुप्त पुलिस चौकी’ का खुलासा! कोर्ट में साबित हुआ खुफिया एजेंट कैसे कर रहा था काम
अमेरिका में ‘चीन की गुप्त पुलिस चौकी’ का खुलासा!
  • न्यूयॉर्क के चाइनाटाउन में एक व्यक्ति पर चीन की गुप्त पुलिस स्टेशन चलाने का आरोप लगा और उसे दोषी पाया गया
  • लू जियानवांग को बिना रजिस्ट्रेशन विदेशी एजेंट बनने और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगे थे
  • अमेरिकी अदालत ने एक हफ्ते के मुकदमे के बाद लू को दोषी करार दिया, उसे तीस साल तक की सजा हो सकती है
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अमेरिका में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने जासूसी, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय तनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. न्यूयॉर्क के चाइनाटाउन इलाके में एक व्यक्ति पर कथित तौर पर चीन की “सीक्रेट पुलिस स्टेशन” चलाने का आरोप लगा और अब अमेरिकी अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि इस केंद्र के जरिए चीन अपने विरोधियों पर नजर रख रहा था और अमेरिका में रह रहे लोकतंत्र समर्थकों की जानकारी जुटा रहा था. 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार न्यूयॉर्क के एक व्यक्ति को बुधवार को अमेरिकी अदालत ने चीन सरकार का बिना रजिस्ट्रेशन वाला एजेंट यानी गुप्त एजेंट के रूप में काम करने का दोषी पाया. उस पर आरोप था कि उसने मैनहैटन के चाइनाटाउन इलाके में बीजिंग की ओर से एक “गुप्त पुलिस स्टेशन” चलाया. ब्रुकलिन के फेडरल अभियोजकों ने कहा कि 64 साल के लू जियानवांग को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल को यह जानकारी देनी चाहिए थी कि वह चीन के एजेंट के रूप में काम कर रहा है, जब उसने 2022 में इस कथित पुलिस स्टेशन को खोलने में मदद की.

सरकारी वकीलों ने यह भी कहा कि उसने कैलिफोर्निया में रहने वाले एक लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता का पता लगाने में चीन सरकार की मदद की. बता दें कि लू को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया गया थ. उसने अपने ऊपर लगे तीनों गंभीर आरोपों से इनकार किया था. इन आरोपों में बिना रजिस्ट्रेशन विदेशी एजेंट बनने की साजिश, चीन का बिना रजिस्ट्रेशन एजेंट बनकर काम करना और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालना शामिल था.

ब्रुकलिन की फेडरल अदालत में एक हफ्ते तक चले मुकदमे के बाद जूरी ने उसे दोषी करार दिया. अब लू को अधिकतम 30 साल तक की जेल हो सकती है. FBI के सहायक निदेशक जेम्स बार्नाकल ने फैसले के बाद कहा, “आज का फैसला दूसरे विदेशी एजेंटों के लिए संदेश है कि FBI दुश्मन देशों की गुप्त गतिविधियों का खुलासा करने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.”

6 मई को अपनी शुरुआती दलील में सरकारी वकील लिंडसी ओकन ने कहा कि लू, जो अब अमेरिकी नागरिक भी है, के चीन की कानून व्यवस्था एजेंसियों से संबंध थे. उन्होंने कहा कि 2022 में चीन यात्रा के दौरान अधिकारियों ने उसे यह स्टेशन खोलने का काम सौंपा था. ओकन ने कहा कि लू ने चाइनाटाउन के एक साधारण ऑफिस बिल्डिंग से यह केंद्र चलाया. शुरुआत में वह न्यूयॉर्क में रहने वाले चीनी नागरिकों की ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करने में मदद करता था. लेकिन अमेरिकी सरकार को जानकारी दिए बिना ऐसा करना भी अपराध माना जाता है.

लू के साथ गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी चेन जिनपिंग ने 2024 में बिना रजिस्ट्रेशन चीनी एजेंट के रूप में काम करने की साजिश का आरोप स्वीकार कर लिया था.

चीन ने आरोपों को बताया झूठा

चीन की सरकार ने इस मामले के आरोपों को “मनगढ़ंत” बताया है. चीन का कहना है कि यह उसके देश की छवि खराब करने की कोशिश है. बीजिंग ने कहा कि चीन के बाहर कुछ केंद्र स्थानीय वॉलंटियर्स द्वारा चलाए जाते हैं, न कि चीनी पुलिस अधिकारियों द्वारा. इनका मकसद विदेश में रहने वाले चीनी नागरिकों की दस्तावेज नवीनीकरण (डॉक्यूमेंट रिन्यू करना) जैसी सेवाओं में मदद करना है.

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