'अहंकार और पूर्वाग्रह को त्यागना महत्वपूर्ण है' : पैगंबर पर विवादित टिप्पणी को लेकर हो रहे विवाद में अब चीन भी कूदा

गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह टिप्पणी पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के चीन दौरे के एक दिन बाद आई है.

'अहंकार और पूर्वाग्रह को त्यागना महत्वपूर्ण है' : पैगंबर पर विवादित टिप्पणी को लेकर हो रहे विवाद में अब चीन भी कूदा

पैगंबर पर विवादित टिप्पणी को लेकर हो रहे विवाद में अब चीन भी कूदा

बीजिंग:

पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा के दो पूर्व नेताओं की कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर चल रहे विवाद में अब चीन भी कूद गया है और उसने उम्मीद जताई कि इस घटना से समुचित ढंग से निपटा जाएगा. चीन ने कहा कि ‘‘वह मानता है कि विभिन्न सभ्यताओं, विभिन्न धर्मों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और बराबरी के स्तर पर साथ रहना चाहिए.''

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेताओं द्वारा की गई कथित टिप्पणियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को लेकर सरकारी चीनी मीडिया द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, ‘‘हमने प्रासंगिक खबरों पर गौर किया हैं. हमें उम्मीद है कि स्थिति से सही तरीके से निपटा जाएगा.''

उन्होंने कहा कि अहंकार और पूर्वाग्रह को त्यागना महत्वपूर्ण है और सभी को एक दूसरे के धर्मों का सम्मान करना चाहिए. वांग की टिप्पणियां चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट की गईं.

गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह टिप्पणी पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के चीन दौरे के एक दिन बाद आई है.

आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जनरल बाजवा ने रविवार को छिंगदाओ शहर में चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के उपाध्यक्ष जनरल झांग यूक्सिया के साथ बातचीत की थी.

गौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी करने के लिए भाजपा ने पांच जून को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था और अपनी दिल्ली इकाई के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को निष्कासित कर दिया था.

टिप्पणी पर मुस्लिम समूहों के विरोध के बीच, पार्टी ने अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से एक बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है.

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देता है.

मंत्रालय के प्रवक्ता ने पिछले सप्ताह कहा था कि एक धार्मिक व्यक्तित्व को बदनाम करने वाले आपत्तिजनक ट्वीट और टिप्पणियां कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई थीं. उन्होंने कहा था कि वे किसी भी रूप में भारत सरकार के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं और संबंधित निकायों द्वारा इन व्यक्तियों के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है.

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गौरतलब है कि चीन अपने शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई के गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है. हालांकि, चीन इन आरोपों को खारिज करता रहा है.
 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)