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This Article is From Feb 12, 2026

बांग्लादेश के चुनाव में 'BJP', 'हाथ का पंजा', 'हाथी' और 'साइकिल' पर क्यों पड़े वोट?

बांग्लादेश की 299 संसदीय सीट पर वोटिंग खत्म हो गई है. अब वोटों की गिनती भी शुरू हो गई है. इस चुनाव को बांग्लादेश के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

बांग्लादेश के चुनाव में 'BJP', 'हाथ का पंजा', 'हाथी' और 'साइकिल' पर क्यों पड़े वोट?
  • बांग्लादेश में 299 संसदीय सीटों के लिए कुल 2,028 उम्मीदवार विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से चुनावी मैदान में हैं
  • इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के बीच होने की संभावना है
  • बांग्लादेश की कई पार्टियों के चुनाव चिन्ह भारतीय राजनीतिक पार्टियों के चुनाव चिन्हों से मिलते-जुलते हैं
नई दिल्ली:

बांग्लादेश में वोटिंग हो गई है. वोटिंग खत्म होने के बाद वोटों की गिनती जारी है. शुक्रवार तक नतीजे भी सामने आ जाएंगे. इसके साथ ही बांग्लादेश में एक नई लोकतांत्रिक सरकार बन जाएगी. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के बीच है.

अब जब बांग्लादेश नई सरकार चुनने जा रहा है, तो वहां कि कुछ दिलचस्प बातें भी जान लेते हैं. बांग्लादेश की 299 संसदीय सीटों के लिए कुल 2,028 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से 1,755 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो किसी न किसी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े हैं. बांग्लादेश के चुनाव में एक ऐसी पार्टी है, जिसका नाम 'BJP' है. इसका पूरा नाम 'बांग्लादेश जातीय पार्टी' है. ये बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद इरशाद की 'जातीय पार्टी' से टूटकर बनी है.

'हाथ का पंजा' और 'कमल' का निशान

इसी तरह बांग्लादेश में एक पार्टी है, जिसका चुनाव चिन्ह 'हाथ का पंजा' है. ये ठीक वैसा ही है जैसा भारत की कांग्रेस पार्टी का है. इस पार्टी का नाम है- बांग्लादेश मुस्लिम लीग (BML). इस पार्टी का इतिहास मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग से जुड़ा है, जिसकी स्थापना 1906 में हुई थी. मुस्लिम लीग कई बार टूट चुकी है और इसके कई धड़े बन चुके हैं. बांग्लादेश मुस्लिम लीग- BML इसी का ही एक धड़ा है. 

शेख हसीना की सरकार के खिलाफ जब 2024 में विद्रोह भड़का था, तब इसकी अगुवाई युवाओं, खासकर छात्रों ने की थी. इस विद्रोह को 'जुलाई विद्रोह' नाम दिया गया था. इसी विद्रोह से निकले नेताओं ने पिछले साल फरवरी में 'नेशनल सिटीजन पार्टी' यानी NCP बनाई थी. इसका चुनाव चिन्ह 'कमल' है. भारत में बीजेपी का चुनाव चिन्ह भी 'कमल' है.

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'हाथी' और 'साइकिल' भी मैदान में

इस चुनाव में कई ऐसी पार्टियां हैं, जिनके चुनाव चिन्ह भारतीय राजनीतिक पार्टियों से मिलते-जुलते हैं. मसलन, जिन्ना की ही मुस्लिम लीग से निकलकर बनी एक और पार्टी 'बांग्लादेश मुस्लिम लीग' का चुनाव चिन्ह 'लालटेन' है. भारत में लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का चुनाव चिन्ह भी 'लालटेन' ही है. 

इसी तरह 'बांग्लादेश रिपब्लिकन पार्टी' का चुनाव चिन्ह 'हाथी' है. वही 'हाथी' जो मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का चुनाव चिन्ह है. वहीं, बांग्लादेश की 'जातीय पार्टी' का चुनाव चिन्ह 'साइकिल' है. अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह भी यही 'साइकिल' है.

50 पार्टियों के उम्मीदवार थे मैदान में

बांग्लादेश में 300 सीटों पर चुनाव होने थे लेकिन शेरपुर-3 सीट पर उम्मीदवार की मौत के बाद यहां चुनाव रद्द कर दिया गया. इस चुनाव में 50 राजनीतिक पार्टियों के कुल 1,755 उम्मीदवार मैदान में थे. वहीं 273 उम्मीदवार निर्दलीय थे. बांग्लादेश में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाते हैं. वोटिंग के दौरान हिंसा को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग बूथ पर 9 लाख से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया था. इसके साथ ही 1 लाख से ज्यादा सैनिकों को भी तैनात किया गया था.

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