- बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी ने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 की घोषणा कर व्यापक हिंसा शुरू कर दी है
- क्वेटा में पुलिस स्टेशनों पर कब्जा और लगातार धमाके तथा गोलीबारी के कारण आपातकालीन स्थिति लागू है
- नसीराबाद और नुश्की में BLA ने सेना और खुफिया ठिकानों पर हमले कर कई सुरक्षा कर्मियों को मार गिराया
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” की घोषणा करते ही पूरे प्रांत को युद्धभूमि में बदल दिया है. पिछले पांच घंटों में बलूचिस्तान के 12 बड़े शहरों में भीषण हमले, गोलीबारी, विस्फोट और सुरक्षा ठिकानों पर कब्जे की घटनाओं से गृहयुद्ध जैसा माहौल बन गया है. सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र प्रांतीय राजधानी क्वेटा है, जहां शहर में लगातार धमाके और फायरिंग की आवाजें गूंज रही हैं.
लड़ाकों ने सरियाब न्यू पुलिस स्टेशन और ईस्टर्न बाईपास पुलिस स्टेशन पर कब्ज़ा कर लिया है. इसके बाद क्वेटा के सभी अस्पतालों में आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया गया है. एग्रीकल्चर कॉलोनी स्थित सैन्य शिविर के पास भारी संघर्ष जारी है और पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर लगातार गश्त कर रहे हैं.
नसीराबाद और नुश्की में स्थिति और भी गंभीर है. नसीराबाद शहर पर BLA का नियंत्रण बताया जा रहा है, जहां ISI मुख्यालय और सेना के कैंप पर भारी गोलाबारी की गई है. नुश्की में लड़ाकों ने 8 CTD कर्मियों को मार गिराया और केंद्रीय जेल पर धावा बोलकर कई कैदियों को रिहा कर दिया.
ग्वादर में हो रहे हैं भीषण हमले
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर भी हमलों की चपेट में है. यहां खुफिया एजेंसी के मुख्यालय और स्थानीय PC होटल पर हमले हुए. पसनी में कोस्ट गार्ड कैंप पर VBIED (विस्फोटक से भरा वाहन) से हमला किया गया और BLA लड़ाके अंदर घुस गए. कोस्टल हाईवे को भी BLA ने निशाना बनाकर सेना की आवाजाही रोक दी, जिससे पूरा तटीय क्षेत्र लगभग कट गया है.
कई शहरों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं ठप
पूरे बलूचिस्तान में रेलवे सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई हैं. कई शहरों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं ठप हो चुकी हैं. कलात, मस्तुंग, दालबंदिन, खारान, तुमप और बुलेदा में तनाव चरम पर है. तुमप से सुरक्षा बलों के पीछे हटने की खबरें आ रही हैं. सेना की खुफिया एजेंसी (MI) के दफ्तर और कई ग्रिड स्टेशन भी हमलों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं.सूत्रों के अनुसार, हमले BLA की सबसे ख़तरनाक यूनिटों द्वारा किए जा रहे हैं.
मजीद ब्रिगेड (फिदायीन यूनिट), फतेह स्क्वाड (शहरी कब्ज़ा यूनिट), और STOS – स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड (रणनीतिक हमलों के लिए). हमलों का पैमाना और तीव्रता पाकिस्तान के भीतर सुरक्षा ढांचे की बड़ी चूक को दर्शा रही है. बढ़ते हमलों के साथ बलूचिस्तान पूरी तरह देश के अन्य हिस्सों से कटने की कगार पर है, और स्थिति को नियंत्रित करने में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
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