बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में उथल-पुथल मची हुई है. फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले एक और बड़ा इस्तीफा सामने आया है. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक प्रोफेसर डॉ. मो. सैयदुर रहमान ने पद से इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
सैयदुर रहमान बांग्लादेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर हैं. उन्हें नवंबर 2024 में मंत्री स्तर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. बांग्लादेश के प्रमुख दैनिक 'प्रोथोम आलो' से बात करते हुए रहमान ने कहा कि मैंने एक महीने पहले अपना इस्तीफा दिया था. इसे अब स्वीकार कर लिया गया है. सरकारी सेवा में मेरा कार्यकाल खत्म हो गया है.
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इससे पहले गृह मंत्रालय के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी इस्तीफा दे चुके हैं. उन्होंने 24 दिसंबर को अपना इस्तीफा दिया था. यह यूनुस प्रशासन में बढ़ती अस्थिरता का संकेत माना जा सकता है.
खुदा बख्श का इस्तीफा 20 दिसंबर को कट्टरपंथी इंकलाब मंच द्वारा उन्हें और गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी को 24 घंटे का अल्टीमेटम देने के कुछ दिनों बाद आया था. इसमें शरीफ उस्मान हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी को लेकर हुई प्रगति के बारे में अपडेट मांगा गया था.
इससे पहले दिसंबर में माहफुज आलम और आसिफ महमूद जैसे छात्र नेता भी चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे चुके हैं. विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ये इस्तीफे चरमपंथी दबाव, आंतरिक असहमति और चुनावी तैयारियों से जुड़े हैं. अंतरिम सरकार पर 12 फरवरी 2026 को होने वाले चुनावों को निष्पक्ष बनाने का दबाव बढ़ रहा है, जबकि अवामी लीग पर प्रतिबंध और अल्पसंख्यक सुरक्षा जैसे मुद्दे विवादास्पद बने हुए हैं.
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